105 दिनों से वेतन नहीं, तो सड़कों पर उतरा गुस्सा! जामताड़ा में सफाईकर्मियों ने जगह-जगह फेंका कचरा, दुर्गा पूजा से पहले शहर की सफाई व्यवस्था चरमराई
जामताड़ा नगर पंचायत के दर्जनों सफाईकर्मियों ने बकाया वेतन नहीं मिलने पर गुरुवार को विरोध प्रदर्शन किया। नगर पंचायत कार्यालय से लेकर प्रमुख चौक-चौराहों और बाजार की सड़कों पर कचरा फेंकने से कई इलाकों में गंदगी फैल गई, जिससे त्योहार से पहले लोगों की परेशानी बढ़ गई।

जामताड़ा। झारखंड के जामताड़ा में दुर्गा पूजा से पहले सफाई व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। नगर पंचायत के सफाईकर्मियों का गुस्सा उस समय फूट पड़ा, जब लंबे समय से वेतन नहीं मिलने के विरोध में दर्जनों कर्मचारी सड़कों पर उतर आए। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें पिछले 105 दिनों से वेतन नहीं मिला है। गुरुवार को बकाया भुगतान की मांग को लेकर शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन देखते ही देखते शहर के कई हिस्सों तक पहुंच गया। प्रदर्शन के दौरान सफाईकर्मियों ने नगर पंचायत कार्यालय के आसपास, प्रमुख चौक-चौराहों और बाजार की सड़कों पर कचरा फेंककर अपना विरोध जताया।
इस प्रदर्शन के बाद शहर के कई इलाकों में गंदगी फैल गई। दुर्गा पूजा जैसे महत्वपूर्ण त्योहार से ठीक पहले सफाई व्यवस्था प्रभावित होने से आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है। अब बकाया वेतन के भुगतान और शहर की सफाई व्यवस्था को सामान्य करने को लेकर नगर पंचायत प्रशासन के अगले कदम पर सबकी नजर है।
105 दिनों से वेतन नहीं मिलने का आरोप, कर्मचारियों में बढ़ा आक्रोश
जानकारी के अनुसार, बकाया वेतन के भुगतान की मांग को लेकर गुरुवार को दर्जनों सफाईकर्मी जामताड़ा नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे थे। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से वेतन नहीं मिलने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रोजमर्रा के खर्चों और घरेलू जरूरतों को पूरा करना उनके लिए मुश्किल होता जा रहा है।
सफाईकर्मियों के मुताबिक, वे अपने बकाया भुगतान की मांग को लेकर नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे थे, लेकिन उन्हें भुगतान के संबंध में कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला। इससे नाराज कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनका आक्रोश इस कदर बढ़ा कि उन्होंने शहर की सड़कों पर कचरा फेंककर अपनी नाराजगी जाहिर की।
चौक-चौराहों और बाजारों में फैली गंदगी
विरोध प्रदर्शन के दौरान नगर पंचायत कार्यालय के आसपास के क्षेत्रों के अलावा शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और बाजार की सड़कों पर भी कचरा फेंका गया। इसके कारण कई जगहों पर गंदगी फैल गई और सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई। त्योहार के दौरान बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की आवाजाही बढ़ने की संभावना के बीच इस स्थिति ने चिंता बढ़ा दी है।
एक ओर सफाईकर्मी अपने बकाया वेतन की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विरोध के कारण शहर की स्वच्छता व्यवस्था पर असर पड़ा है। ऐसे में वेतन विवाद का जल्द समाधान निकालना और सार्वजनिक स्थानों की सफाई बहाल करना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती बन गया है।
दुर्गा पूजा से पहले सफाई व्यवस्था बहाल करना चुनौती
दुर्गा पूजा नजदीक आने के साथ ही शहर में साफ-सफाई की जरूरत और बढ़ गई है। पूजा पंडालों, बाजारों और प्रमुख रास्तों पर स्वच्छता बनाए रखना जरूरी है। ऐसे समय में सफाईकर्मियों के विरोध प्रदर्शन से व्यवस्था प्रभावित होने पर स्थानीय लोगों को परेशानी उठानी पड़ सकती है।
अब देखना होगा कि नगर पंचायत प्रशासन सफाईकर्मियों के बकाया वेतन के मुद्दे पर क्या कदम उठाता है और शहर में सफाई व्यवस्था को कितनी जल्दी सामान्य किया जाता है। फिलहाल कर्मचारियों की ओर से 105 दिनों से वेतन नहीं मिलने का आरोप लगाया गया है। प्रशासन की ओर से भुगतान की स्थिति और विवाद के समाधान को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।









