23 दिन की भूख-हड़ताल खत्म… लेकिन अभी नहीं खा सकेंगे खाना! आखिर क्यों डॉक्टरों ने सोनम वांगचुक को दी सख्त चेतावनी?
भूख-हड़ताल खत्म होने के बाद भी 'रीफीडिंग सिंड्रोम' का खतरा, जानिए क्यों अगले 7 से 10 दिन तक मेडिकल निगरानी में रहेगा पूरा डाइट प्लान।

नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सोमवार को अपनी करीब 23 दिन लंबी भूख-हड़ताल समाप्त कर दी। बताया जा रहा है कि एक NEET अभ्यर्थी के पिता के अनुरोध के बाद उन्होंने यह फैसला लिया। हालांकि, भूख-हड़ताल खत्म होने के बावजूद वांगचुक अगले 7 से 10 दिनों तक सामान्य भोजन नहीं कर पाएंगे, क्योंकि लंबे समय तक बिना भोजन रहने के बाद शरीर को गंभीर स्वास्थ्य जोखिम का सामना करना पड़ सकता है।
क्यों नहीं खा सकते तुरंत सामान्य खाना?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कई दिनों तक बिना भोजन रहने के बाद यदि कोई व्यक्ति अचानक सामान्य भोजन करने लगे तो उसे ‘रीफीडिंग सिंड्रोम’ (Refeeding Syndrome) का खतरा हो सकता है। यह एक गंभीर और जानलेवा स्थिति मानी जाती है, जिसमें शरीर का मेटाबॉलिज्म अचानक बदलने से इलेक्ट्रोलाइट्स और शरीर के तरल पदार्थों का संतुलन बिगड़ सकता है।
क्या होता है रीफीडिंग सिंड्रोम?
विशेषज्ञों के मुताबिक, लंबे उपवास के बाद शरीर ऊर्जा बचाने की अवस्था में पहुंच जाता है। ऐसे में अचानक भोजन शुरू करने पर पोटैशियम, फॉस्फेट और मैग्नीशियम जैसे जरूरी तत्वों का स्तर तेजी से बदल सकता है, जिससे हृदय, मस्तिष्क और अन्य अंग प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए भूख-हड़ताल खत्म कराने की पूरी प्रक्रिया डॉक्टरों की निगरानी में ही की जाती है।
कैसे शुरू कराया जाएगा भोजन?
डॉक्टरों के अनुसार, पहले 1 से 3 दिन तक केवल ORS, पानी, पतला फलों का रस या सब्जियों का हल्का सूप दिया जाता है। इसके बाद 4 से 6 दिन तक चावल का मांड, दही और फलों की प्यूरी जैसी आसानी से पचने वाली चीजें थोड़ी-थोड़ी मात्रा में दी जाती हैं।
7वें से 10वें दिन उबली हुई सब्जियां, दाल और खिचड़ी जैसे नरम भोजन शुरू कराए जाते हैं। शरीर की स्थिति सामान्य रहने पर ही इसके बाद नियमित भोजन दिया जाता है।
CJP नेता अभिजीत दीपके ने भी खत्म की भूख-हड़ताल
इसी बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी अपनी अनिश्चितकालीन भूख-हड़ताल समाप्त कर दी। पार्टी के मुताबिक, उन्हें संसद मार्च का नेतृत्व करना था। हालांकि, CJP ने स्पष्ट किया है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर उनका आंदोलन जारी रहेगा।
जेपी नड्डा ने क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि प्रदर्शनकारियों की ओर से बातचीत का प्रस्ताव आया था। उनके अनुसार, पहले मौखिक चर्चा हुई, फिर प्रतिनिधिमंडल के साथ विस्तृत बैठक हुई और बाद में प्रदर्शनकारियों ने उन्हें लिखित ज्ञापन भी सौंपा।









