पैसे बांटने के आरोप में सांसद पप्पू यादव बुरे फंसे….पढ़िए नेता जी पर चुनाव आयोग ने क्यों दर्ज कराया केस?

Election breaking: चुनाव की घोषणा के साथ ही चुनाव आयोग की नजर भी टेढ़ी हो गई है। मालूम हो कि बिहार विधानसभा चुनाव के साथ 8 राज्यों में उपचुनाव होना है। विधानसभा चुनाव और उपचुनाव 2025 की घोषणा के बाद राज्य में आचार संहिता लागू हो चुकी है. इसी बीच पैसा बांटने के लिए मशहूर पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं. गुरुवार को वे वैशाली जिले के सहदोई थाना के गणियारी गांव पहुंचे थे, जहां उन्होंने जमकर पैसे बांटे. मामले पर संज्ञान लेते हुए चुनाव आयोग ने पप्पू यादव के खिलाफ आचार संहिता का उल्लंघन करने के आरोप में केस दर्ज कराया.
क्या कहते है सांसद पप्पू यादव
मामले पर पप्पू यादव ने कहा कि उनकी मंशा किसी को प्रभावित करने की नहीं थी, कोई नियम तोड़ने की नहीं थी. मैंने मानवता के नाते मदद की. उन्होंने कहा कि जब लोग घर से बेघर हो रहे हैं तो नेता का फर्ज बनता है कि वो उनके साथ खड़ा हो. ऐसे में अब देखना यह होगा कि चुनाव आयोग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है.
चुनाव आयोग का क्या है नियम?
चुनाव की तिथि घोषणा के साथ ही चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक आचार संहिता लागू हो जाती है। इस दौरान कोई भी जनप्रतिनिधि या राजनीतिक व्यक्ति सार्वजनिक रूप से नकद राशि, उपहार या आर्थिक सहायता नहीं दे सकता. क्योंकि इसे मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश माना जाता है. जिसकी सूचना और आरोप सत्यापित होने पर आयोग कारवाई करता है।






