राष्ट्रपति भवन में प्रिंस एलोइस का भव्य स्वागत, पीएम मोदी से होगी अहम बैठक, भारत और लिकटेंस्टीन के रिश्तों को मिलेगी नई रफ्तार

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया स्वागत, व्यापार, निवेश, तकनीक और नवाचार पर होगी चर्चा, भारत-ईएफटीए समझौते के बाद सहयोग बढ़ाने पर जोर

नई दिल्ली, 27 अक्टूबर। यूरोपीय देश लिकटेंस्टीन के कार्यवाहक राष्ट्राध्यक्ष और युवराज प्रिंस एलोइस का मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद रहे। प्रिंस एलोइस अपनी पत्नी प्रिंसेस सोफी के साथ चार दिवसीय राजकीय यात्रा पर भारत आए हैं। उनकी इस यात्रा का उद्देश्य भारत और लिकटेंस्टीन के बीच व्यापार, निवेश, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अन्य क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करना है।

राष्ट्रपति भवन में आयोजित स्वागत समारोह के दौरान राष्ट्रपति मुर्मु, प्रधानमंत्री मोदी और प्रिंस एलोइस ने संयुक्त तस्वीर भी खिंचवाई। इस यात्रा को दोनों देशों के बीच बढ़ते आर्थिक और राजनयिक संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रिंस एलोइस के साथ एक उच्चस्तरीय आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल और कारोबारी प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है।

एस जयशंकर ने की प्रिंस एलोइस से मुलाकात

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी प्रिंस एलोइस से मुलाकात की। इस दौरान भारत और लिकटेंस्टीन के बीच सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। जयशंकर ने भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ यानी ईएफटीए के व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते से पैदा हुए अवसरों का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके बाद दोनों पक्षों के द्विपक्षीय संबंधों में कई क्षेत्रों में तेजी आने की संभावनाएं बढ़ी हैं।

भारत और ईएफटीए के बीच व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौता अक्टूबर 2025 में लागू हुआ था। इसमें लिकटेंस्टीन भी शामिल है। इस समझौते से व्यापार और निवेश के नए अवसर विकसित करने तथा आर्थिक संबंधों को आगे बढ़ाने की उम्मीद है।

पीएम मोदी और प्रिंस एलोइस के बीच होगी अहम द्विपक्षीय बैठक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रिंस एलोइस के बीच नई दिल्ली में उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठक निर्धारित है। इस बैठक में व्यापार, निवेश, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार और दोनों देशों के नागरिकों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। इसके साथ ही दोनों नेता प्रमुख क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।

बैठक का एक प्रमुख उद्देश्य दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को और व्यापक बनाना है। भारत में तकनीक, विनिर्माण और नवाचार से जुड़े क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं के साथ लिकटेंस्टीन के कारोबारी प्रतिनिधियों के लिए सहयोग के नए रास्तों पर भी बातचीत हो सकती है।

राष्ट्रपति मुर्मु देंगी रात्रिभोज, राजकीय यात्रा का अहम पड़ाव

प्रिंस एलोइस राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भी मुलाकात करेंगे। उनके सम्मान में राष्ट्रपति भवन में रात्रिभोज का आयोजन किया गया है। इस मुलाकात के दौरान दोनों देशों के मैत्रीपूर्ण संबंधों और आपसी सहयोग को आगे बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

प्रिंस एलोइस की मौजूदा भारत यात्रा 25 से 28 अक्टूबर तक निर्धारित है। दिल्ली पहुंचने से पहले उन्होंने मुंबई और गुजरात के वडोदरा का दौरा किया। इस यात्रा में आधिकारिक बैठकों के साथ कारोबारी संपर्कों को भी महत्व दिया जा रहा है।

इस साल दूसरी बार भारत आए प्रिंस एलोइस

प्रिंस एलोइस की वर्ष 2026 में यह दूसरी भारत यात्रा है। इससे पहले वह फरवरी में नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में शामिल होने आए थे। उस दौरान प्रधानमंत्री मोदी और प्रिंस एलोइस के बीच मुलाकात हुई थी और दोनों नेताओं ने भारत-लिकटेंस्टीन संबंधों को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई थी।

भारत और लिकटेंस्टीन ने वर्ष 1993 में राजनयिक संबंध स्थापित किए थे। बीते वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग को बढ़ाने के प्रयास हुए हैं। अब ईएफटीए समझौते के लागू होने के बाद दोनों पक्षों के लिए निवेश, उन्नत तकनीक और नवाचार जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने की संभावनाएं सामने आई हैं।

प्रिंस एलोइस की इस यात्रा से दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संवाद को मजबूती मिलने और भविष्य में सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान होने की उम्मीद है।

Anita Nishad

Anita Nishad is a dedicated and insightful journalist currently serving as a key voice at HPBL News. With a deep-rooted passion for storytelling and truth-seeking, Anita has become a trusted name in digital and broadcast journalism, particularly known for her ability to bring grassroots issues to the forefront.

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