झारखंड के एक और IAS की मुश्किलें बढ़ी, सरकार ने दर्ज की पीई, 2011 बैच के IAS फिलहाल केंद्र में संभाल रहे ये बड़ी जिम्मेदारी
Trouble mounts for another Jharkhand IAS officer, with the government filing a PE case against him. The 2011 batch IAS officer is currently handling significant responsibilities at the Centre.

Jharkhand IAS Ray Mahimapat Re: झारखंड के एक और IAS पर भ्रष्टाचार का फंदा कस गया है। रांची के पूर्व उपायुक्त और 2011 बैच के IAS अधिकारी राय महिमापत रे के विरुद्ध झारखंड ACB ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में पीई (प्रारंभिक जांच) दर्ज की है। आरोप में घिरे आईएएस फिलहाल विश्व बैंक में प्रतिनियुक्ति पर है।
केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत रे के खिलाफ जांच आयकर विभाग की रिपोर्ट के आधार पर शुरू की गई है, जिसमें उनके एवं परिवार के नाम पर चल-अचल संपत्तियों की जांच की जाएगी।पूर्व उपायुक्त राय महिमापत रे के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में प्रारंभिक जांच (Preliminary Enquiry – PE) संख्या 2/25 दर्ज की है। यह कार्रवाई आयकर विभाग की एक विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर की गई है, जिसके बाद मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग से औपचारिक स्वीकृति प्राप्त की गई।
जानकारी के मुताबिक राय महिमापत रे, झारखंड कैडर के 2011 बैच के IAS अधिकारी हैं और वर्तमान में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर रहते हुए विश्व बैंक में नियुक्त हैं। वे फरवरी 2018 से जुलाई 2020 तक रांची के उपायुक्त रहे। इसी अवधि को आय से अधिक संपत्ति के आरोपों का केंद्र माना जा रहा है। शिकायत के अनुसार, रांची में उपायुक्त रहते हुए उन्होंने कथित रूप से अपनी ज्ञात आय से कहीं अधिक चल-अचल संपत्ति अर्जित की।
जांच की जिम्मेदारी ACB ने डीएसपी संतोष कुमार को सौंपी है। जांच अधिकारी ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को पत्र लिखकर रांची में पदस्थापन काल के दौरान राय महिमापत रे के नाम, साथ ही उनके पारिवारिक सदस्यों के नाम पर निबंधित संपत्तियों का पूरा ब्यौरा मांगा है। ताकि पदस्थापना अवधि के दौरान अर्जित संपत्ति का मिलान उनकी आय के साथ करते हुए सत्यापन किया जा सके।
इसी क्रम में अनुसंधानकर्ता ने परिवहन विभाग से भी जानकारी मांगी है। ACB ने यह स्पष्ट किया है कि जांच के दायरे में केवल IAS अधिकारी ही नहीं, बल्कि उनके परिवार के सदस्यों की संपत्तियां भी शामिल होंगी। संपत्ति संबंधी जानकारी उनके, उनकी पत्नी हेम बोरकर, मां कुमकुर रे और दो बच्चों के नाम पर निबंधित चल-अचल संपत्तियों को लेकर मांगी गई है। जांच में यह देखा जाएगा कि संबंधित अवधि में इन सभी के नाम पर कितनी संपत्ति खरीदी गई और क्या उसकी कानूनी आय स्रोतों से पुष्टि होती है।









