छुट्टी न्यूज: कर्मचारी अपने बुजुर्गों की सेवा के लिए ले सकते हैं छुट्टी, जानिये क्या है नियमों में प्रावधान, सरकार ने सदन में दिया जवाब

Leave News: Employees can take leave to serve their elders, know what are the provisions in the rules, the government gave the answer in the House

Holiday News: राज्यसभा में सांसद सुमित्रा बाल्मिक ने बेहद संवेदनशील सामाजिक मुद्दा उठाया। उन्होंने पूछा कि क्या केंद्र सरकार के कर्मचारियों को अपने बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल के लिए किसी विशेष प्रकार की छुट्टी का प्रावधान है?उन्होंने यह भी जानना चाहा कि यदि ऐसा कोई नियम अभी नहीं है, तो क्या सरकार शिशु देखभाल अवकाश की तर्ज पर बीमार या वृद्ध माता-पिता की देखभाल के लिए विशेष अवकाश देने पर विचार कर रही है?

 

इस सवाल का जवाब प्रधानमंत्री कार्यालय और कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने दिया।

सरकार ने क्या कहा?

 

डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों को केंद्रीय सिविल सेवा (छुट्टी) नियमावली, 1972 के तहत हर वर्ष 60 दिनों तक विभिन्न प्रकार की छुट्टियां मिलती हैं, जो वे व्यक्तिगत कारणों से ले सकते हैं। इनमें माता-पिता की देखभाल जैसे मामले भी शामिल हैं।

छुट्टियों का पूरा विवरण इस प्रकार है –

• ✅ 30 दिन अर्जित अवकाश (Earned Leave)

• ✅ 20 दिन अर्द्ध वेतन अवकाश (Half Pay Leave)

• ✅ 8 दिन आकस्मिक अवकाश (Casual Leave)

• ✅ 2 दिन प्रतिबंधित अवकाश (Restricted Holiday)

 

मंत्री ने यह भी कहा कि इन छुट्टियों का उपयोग कर्मचारी व्यक्तिगत और पारिवारिक जिम्मेदारियों के लिए कर सकते हैं, जिनमें बुजुर्गों की देखभाल भी एक महत्वपूर्ण पक्ष है।

 

वर्क-लाइफ बैलेंस पर सरकार का जोर

डॉ. जितेंद्र सिंह ने अपने जवाब में यह स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य न केवल कार्यस्थल और निजी जीवन के बीच संतुलन को बढ़ावा देना है, बल्कि कर्मचारियों को उनके पारिवारिक दायित्वों के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार भी बनाना है।

 

 

हालांकि अभी बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल के लिए अलग से कोई विशेष छुट्टी का प्रावधान नहीं है, लेकिन उपलब्ध छुट्टियों का उपयोग इस उद्देश्य के लिए किया जा सकता है। सांसद सुमित्रा बाल्मिक के इस सवाल ने एक ज़रूरी बहस को जन्म दिया है, जिससे उम्मीद की जा सकती है कि आने वाले समय में सरकार इस दिशा में और विचार करेगी।

ashrita

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