’जर्मनी का युवक, अमेरिका का साथ और तुर्किए के लाइक्स’ – कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन पर कुमार विश्वास का बड़ा तंज
"A young man from Germany, support from America, and likes from Turkey" – Kumar Vishwas takes a dig at the performance of the Cockroach Janata Party.

नई दिल्ली: दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर शनिवार (6 जून) को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन को लेकर प्रसिद्ध कवि और राजनीतिक विश्लेषक डॉ. कुमार विश्वास का एक बड़ा बयान सामने आया है। उत्तराखंड के नैनीताल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कुमार विश्वास ने बिना नाम लिए मशहूर यूट्यूबर ध्रुव राठी और सीजेपी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके पर तीखा निशाना साधा।
”जर्मनी में बैठा युवक और तुर्किए के लाइक्स”
नैनीताल के मंच से देश के युवाओं की तारीफ और सीजेपी पर कटाक्ष करते हुए कुमार विश्वास ने कहा:
“मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि जब जर्मनी में बैठा युवक अमेरिका में बैठे दूसरे युवक के साथ मिलकर, तुर्किए के लाइक्स के सहारे भारत को नेपाल बनाने का प्रयास कर रहा है, उस समय देश का युवा देश के संस्कार दिखाने के लिए खड़ा हुआ है।”
”कॉकरोच है तो उसकी दवा ‘हिट’ भी मौजूद है”
कुमार विश्वास ने इससे पहले भी ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के नाम को लेकर सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर इस संगठन को आड़े हाथों लिया था। उन्होंने कॉकरोच जीव का उदाहरण देते हुए एक बड़ा तंज कसा:
झुंड की मानसिकता: कॉकरोच ऐसा जीव होता है जो घर के अंधेरे कोनों में हमेशा झुंड में रहता है और घर की अच्छी चीजों को भी खराब करता है।
नुकसान पहुंचाने वाला स्वभाव: यह गंदगी में पनपता है और जहां जाता है वहां नुकसान ही करता है।
इलाज भी है तैयार: उन्होंने आगे चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जिस तरह घरों में कॉकरोच से बचने के लिए लोग दवाई का इस्तेमाल करते हैं, उसी तरह देश में भी जब कॉकरोच पैदा हो गए हैं, तो उन्हें खत्म करने के लिए ‘हिट’ जैसी दवाई भी मौजूद है।
जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
इस बीच, शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के बैनर तले एक बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस ऑनलाइन संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके विशेष रूप से अमेरिका से लौटकर इस प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे थे।
प्रदर्शन की मुख्य बातें विवरण
- प्रदर्शनकारी सैकड़ों की संख्या में देश के युवा, स्कूली छात्र और उनके अभिभावक।
- प्रतीकात्मक विरोध कई युवा प्रदर्शनकारी चेहरे पर कॉकरोच के मुखौटे पहने नजर आए और हाथों में फूल लिए हुए थे।
- मुख्य मांग पेपर लीक और परीक्षा धांधली को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।
इन मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतरे छात्र
यह विरोध प्रदर्शन देश की प्रमुख परीक्षाओं में हुई कथित धांधलियों और अनियमितताओं के खिलाफ जवाबदेही तय करने के लिए किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य रूप से निम्नलिखित परीक्षाओं को लेकर रोष जताया:
- NEET (नीट)
- CBSE (सीबीएसई)
- CUET (सीयूईटी)
- SSC (कर्मचारी चयन आयोग)
’प्रेम और शांति’ से आंदोलन की अपील
आंदोलन के हिंसक होने की आशंकाओं के बीच, सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने बेहद अलग रणनीति अपनाई। उन्होंने प्रदर्शन में शामिल होने आए युवाओं से अपील की कि वे सुरक्षा में तैनात दिल्ली पुलिस के जवानों को ‘करुणा और कृतज्ञता के प्रतीक’ के रूप में फूल भेंट करें। दीपके ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि छात्रों का यह आंदोलन पूरी तरह से ‘प्रेम और शांति’ के लोकतांत्रिक मार्ग पर चलना चाहिए।
फिलहाल, कुमार विश्वास के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर एक बार फिर वैचारिक जंग छिड़ गई है और छात्र आंदोलन को लेकर बहस तेज हो गई है।








