पिता के निधन के बाद कैसे होगी जमीन अपने नाम? जानें वसीयत और बिना वसीयत की स्थिति में नियम

How will you transfer your land to your father's name after his death? Learn the rules for intestate and intestate settlements.

नई दिल्ली: परिवार में पिता का साया चले जाने के बाद जो भावनात्मक खालीपन आता है, उसकी भरपाई मुमकिन नहीं है। लेकिन इस दुख के बीच, परिवार की जिम्मेदारी संभालना और कानूनी व कागजी कामों को पूरा करना भी एक बड़ा काम बन जाता है। अक्सर लोगों के मन में यह उलझन होती है कि पिता की मृत्यु के बाद उनकी खेती या प्रॉपर्टी को बच्चों के नाम कैसे ट्रांसफर (नामांतरण) किया जाए।

​कानूनी जानकारों के मुताबिक, यह पूरी प्रक्रिया इस बात पर निर्भर करती है कि पिता ने अपनी जिंदगी में कोई वसीयत बनाई थी या नहीं। आइए विस्तार से समझते हैं इसकी पूरी प्रोसेस।

​दो अलग-अलग स्थितियों में होते हैं फैसले

​पिता की प्रॉपर्टी को अपने नाम करवाने के लिए मुख्य रूप से दो तरह की स्थितियां बनती हैं:
यदि रजिस्टर्ड वसीयत (Will) मौजूद हो: अगर पिता ने अपनी जिंदगी में कोई कानूनी वसीयत बनवाई थी और उसे रजिस्टर कराया था, तो प्रॉपर्टी या खेती सीधे वसीयत में तय किए गए हिस्सेदारों या बच्चों के नाम पर ट्रांसफर हो जाएगी।
यदि कोई वसीयत न हो: अगर पिता ने कोई वसीयत नहीं छोड़ी है, तो उत्तराधिकार कानून के मुताबिक संपत्ति पर मां (पत्नी), सभी बेटों और बेटियों का बराबर का कानूनी हक होता है।
खास बात (हक त्याग पत्र): अगर सभी भाई-बहन मिलकर जमीन को किसी एक व्यक्ति (जैसे मां या किसी एक भाई) के नाम पर करना चाहते हैं, तो बाकी सभी सदस्यों को अपना हक छोड़ना होगा। इसके लिए एक रजिस्टर्ड हक त्याग पत्र (Relinquishment Deed) बनवाना पड़ता है, जिसके बाद ही प्रॉपर्टी किसी एक के नाम ट्रांसफर हो पाती है।

​दाखिल-खारिज (Mutation) के लिए जरूरी कागजात

​इस कानूनी काम को पूरा करने के लिए आपको तहसील या राजस्व विभाग में अप्लाई करना पड़ता है। प्रक्रिया शुरू करने से पहले इन बेहद जरूरी दस्तावेजों को संभालकर रख लें:

  1. ​पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate)
  2. ​कानूनी वारिस प्रमाण पत्र (Succession/Legal Heir Certificate)
  3. ​जमीन के पुराने कागजात (जैसे रजिस्ट्री, खसरा या खतौनी)
  4. ​सभी वारिसों के पहचान पत्र (Aadhaar Card/Voter ID) और
  5. पासपोर्ट साइज फोटो
  6. ​अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC): अगर कोई वारिस अपना हिस्सा छोड़ रहा है, तो उनकी तरफ से साइन की हुई NOC या रजिस्टर्ड हकत्याग पत्र।

​आवेदन करने का सही तरीका​

इन सभी कागजातों को तैयार करने के बाद आपके पास आवेदन करने के दो विकल्प होते हैं:
ऑफलाइन माध्यम: आप अपने इलाके के पटवारी, लेखपाल या तहसीलदार ऑफिस में जाकर ‘दाखिल-खारिज’ (Mutation) के लिए ऑफलाइन आवेदन फॉर्म जमा कर सकते हैं।
ऑनलाइन माध्यम: आप अपने राज्य के राजस्व विभाग के ऑफिशियल डिजिटल पोर्टल (जैसे विभिन्न राज्यों की भूलेख वेबसाइट्स) पर जाकर घर बैठे ऑनलाइन भी अप्लाई कर सकते हैं।

​कागजातों की जांच और जरूरी कानूनी प्रक्रिया (जैसे आपत्तियों के लिए समय देना) पूरी होने के बाद, सरकारी रिकॉर्ड में संपत्ति नए वारिसों के नाम दर्ज कर दी जाती है।

Chauhan

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