गजब मामला ! 15 साल पहले नौकरी में रहते ली थी घूस, अब रिटायरमेंट के बाद मिली सजा, 2011 में 5000 रुपये लेते पकड़ाये थे अफसर, रिटायरेंट के 13 साल बाद….

An astonishing case! 15 years ago, while employed, he was convicted after retirement. In 2011, the officer was caught accepting 5,000 rupees, 13 years after retirement.

Regional News। 15 साल पहले नौकरी में रहते हुए लिया था घूस, अब रिटायरमेंट के बाद अफसर को सजा मिली है। सरकारी विभागों में लंबित मामलों और वर्षों तक चलने वाली विभागीय कार्रवाई का अनूठा मामला बिहार में सामने आया है। बिहार प्रशासनिक सेवा के एक रिटायर्ड अधिकारी के खिलाफ वर्ष 2011 में रिश्वत लेने के आरोप में शुरू हुई विभागीय कार्रवाई का अंतिम फैसला अब जाकर वर्ष 2026 में आया है।

करीब 15 साल तक चली इस प्रक्रिया के बाद राज्य सरकार ने अधिकारी की पेंशन में 20 प्रतिशत कटौती करने का फैसला लिया है। साथ ही निलंबन अवधि के वेतन और अन्य देनदारियों का पूरा भुगतान भी नहीं किए जाने का आदेश दिया गया है।जानकारी के अनुसार, बिहार प्रशासनिक सेवा के रिटायर्ड अधिकारी दिनेश मालवीय वर्ष 2011 में पश्चिम चंपारण जिले के नरकटियागंज में कार्यपालक पदाधिकारी के पद पर तैनात थे।

उसी दौरान उन पर रिश्वत लेने का आरोप लगा था। मामला उस समय सामने आया जब उनके मातहत लिपिक नंदकिशोर मिश्र को निगरानी विभाग ने पांच हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।बताया गया कि यह रिश्वत वधशाला के एकरारनामा से जुड़े काम के एवज में ली जा रही थी। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में नंदकिशोर मिश्र ने दावा किया था कि उन्होंने यह रकम दिनेश मालवीय के निर्देश पर ली थी।

इसके बाद निगरानी विभाग ने मामले की जांच की और आरोपों को सही पाया। जांच के आधार पर दिनेश मालवीय को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। मामले में गिरफ्तारी के बाद दिनेश मालवीय करीब पांच महीने तक जेल में रहे। इसी आधार पर उन्हें वर्ष 2011 में निलंबित कर दिया गया था। जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने सामान्य प्रशासन विभाग में योगदान दिया, लेकिन जून 2012 में उन्हें दोबारा निलंबित कर दिया गया।

निलंबन की अवधि के दौरान ही फरवरी 2013 में वे सेवानिवृत्त हो गए। इसके बाद उन्हें निलंबन मुक्त कर दिया गया, लेकिन विभागीय कार्रवाई जारी रही। लंबे समय तक चली जांच और प्रक्रिया के बाद आखिरकार इस वर्ष 21 मई को मामले में अंतिम निर्णय जारी किया गया।

पेंशन में कटौती का आदेश
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी संकल्प के अनुसार, दिनेश मालवीय की पेंशन में 20 प्रतिशत की कटौती की जाएगी। इसके अलावा निलंबन अवधि के दौरान मिलने वाले वेतन और अन्य वित्तीय लाभों का पूरा भुगतान भी नहीं किया जाएगा।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, विभागीय कार्रवाई पूरी होने के बाद यह फैसला भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त संदेश देने के उद्देश्य से लिया गया है। हालांकि यह मामला अभी पूरी तरह समाप्त नहीं माना जा रहा है, क्योंकि संभावना जताई जा रही है कि दोषी करार दिए गए अधिकारी इस फैसले को चुनौती देने के लिए पटना हाईकोर्ट का रुख कर सकते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *