Driving Rules: ड्राइविंग के बीच मोबाइल निकाला तो जेब पर पड़ेगा भारी! चालान के साथ लाइसेंस भी हो सकता है सस्पेंड, जानें पूरा नियम

Driving While Using Mobile: गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना सिर्फ आपकी जान के लिए खतरा नहीं है, बल्कि इसके लिए ट्रैफिक पुलिस कार्रवाई भी कर सकती है। फोन पर बात करना, मैसेज देखना या हाथ में मोबाइल लेकर ड्राइव करना हादसे की वजह बन सकता है। ऐसे में सड़क पर निकलने से पहले जान लें कि ड्राइविंग के दौरान मोबाइल इस्तेमाल करने पर क्या कार्रवाई हो सकती है और किन परिस्थितियों में फोन का इस्तेमाल नियमों के दायरे में आता है।
नई दिल्ली। भारत में सड़क हादसों की बड़ी वजहों में ड्राइविंग के दौरान ध्यान भटकना भी शामिल है। इसमें सबसे आम लापरवाहियों में से एक है गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना। कई लोग फोन पर बात करने, मैसेज पढ़ने या नेविगेशन सेट करने के लिए ड्राइविंग के बीच मोबाइल हाथ में ले लेते हैं।
लेकिन आपकी यह छोटी-सी लापरवाही भारी पड़ सकती है। ट्रैफिक नियमों के तहत ड्राइविंग के दौरान मोबाइल का गलत तरीके से इस्तेमाल करने पर चालान के साथ दूसरी कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।
मोबाइल चलाते पकड़े गए तो कितना लगेगा जुर्माना?
मोटर वाहन कानून के तहत ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन को हाथ में लेकर इस्तेमाल करना खतरनाक माना जा सकता है। ऐसी स्थिति में ₹5,000 से ₹10,000 तक के जुर्माने का प्रावधान बताया जाता है।
कुछ परिस्थितियों में नियम तोड़ने वाले चालक के ड्राइविंग लाइसेंस पर भी कार्रवाई हो सकती है। बार-बार नियमों का उल्लंघन करने पर मामला और गंभीर हो सकता है।
हालांकि, चालान की वास्तविक राशि और कार्रवाई राज्य के लागू नियमों, उल्लंघन की प्रकृति और संबंधित कानूनी प्रावधानों पर निर्भर कर सकती है।
सिर्फ फोन ही नहीं, इन चीजों से भी बचना जरूरी
ड्राइविंग के दौरान चालक का ध्यान सड़क पर होना बेहद जरूरी है। इसलिए वाहन चलाते समय ऐसी कोई भी गतिविधि नहीं करनी चाहिए जिससे नियंत्रण या एकाग्रता प्रभावित हो।
मोबाइल फोन हाथ में लेकर इस्तेमाल करना तो जोखिम भरा है ही, इसके अलावा ड्राइविंग के दौरान खाने-पीने या दूसरी चीजों में उलझने से भी ध्यान भटक सकता है।
एक सेकंड की लापरवाही भी सड़क पर बड़ा हादसा करा सकती है।
क्या गाड़ी चलाते समय GPS चला सकते हैं?
यह सवाल अक्सर लोगों के मन में रहता है कि अगर रास्ता देखने के लिए मोबाइल का इस्तेमाल करना हो तो क्या करें?
आप GPS या नेविगेशन का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन ड्राइविंग के दौरान फोन हाथ में लेकर उसे ऑपरेट करना सुरक्षित या नियमसम्मत तरीका नहीं है। बेहतर है कि फोन को वाहन के मोबाइल होल्डर या डैशबोर्ड माउंट पर फिक्स करें और यात्रा शुरू करने से पहले रूट सेट कर लें।
जरूरत पड़ने पर वाहन की सुरक्षित स्थिति में रुककर ही फोन को हाथ में लें।
जरूरी कॉल आए तो क्या करें?
अगर ड्राइविंग के दौरान कोई बेहद जरूरी कॉल आती है, तो फोन हाथ में लेकर बात करने के बजाय पहले वाहन को सुरक्षित स्थान पर रोकें और उसके बाद फोन का इस्तेमाल करें।
हैंड्स-फ्री या ब्लूटूथ का इस्तेमाल भी ड्राइविंग के दौरान ध्यान भटका सकता है, इसलिए बातचीत को कम से कम रखना और सड़क पर पूरा ध्यान देना सबसे सुरक्षित विकल्प है।
बाइक चलाते समय भी न करें ये गलती
यह नियम सिर्फ कार चालकों के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है। बाइक या स्कूटर चलाते समय मोबाइल पर बात करना या ईयरफोन लगाकर फोन सुनना भी बेहद खतरनाक हो सकता है।
दो पहिया वाहन पर मोबाइल इस्तेमाल करने से चालक का ध्यान सड़क से हट सकता है और अचानक सामने आए खतरे पर प्रतिक्रिया देने में देर हो सकती है।
चालान से ज्यादा जरूरी है आपकी सुरक्षा
ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन से दूरी बनाना सिर्फ चालान से बचने का तरीका नहीं, बल्कि खुद की और सड़क पर चल रहे दूसरे लोगों की जिंदगी सुरक्षित रखने का मामला है।
इसलिए अगली बार गाड़ी स्टार्ट करने से पहले फोन को साइलेंट या ड्राइविंग मोड पर रखें। अगर फोन इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है, तो वाहन रोकें और फिर मोबाइल हाथ में लें। आपकी कुछ मिनट की सावधानी किसी बड़े हादसे को टाल सकती है।








