भारत की युवा आबादी बोझ नहीं, देश की सबसे बड़ी ताकत! निर्मला सीतारमण ने आलोचकों को कहा- ‘नाराज फूफा’… बोलीं- युवा लिख रहे कल का कोड
ग्लोबल फिनटेक फेस्टिवल-2026 में वित्त मंत्री ने युवाओं की क्षमता और भारत की आर्थिक रफ्तार पर उठ रहे सवालों का किया जवाब; UPI से लेकर स्टार्टअप और स्पेस सेक्टर तक गिनाईं उपलब्धियां

मुंबई। भारत की युवा आबादी को लेकर उठ रहे सवालों के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आलोचकों पर तीखा तंज कसा है। उन्होंने देश की आर्थिक वृद्धि और युवाओं की क्षमता को लगातार कमतर आंकने वाले आलोचकों को ‘नाराज फूफा’ करार दिया। वित्त मंत्री ने कहा कि ऐसे लोग ठोस आंकड़ों के बजाय अपने आग्रह-दुराग्रह और धारणाओं के आधार पर देश की आर्थिक स्थिति का आकलन करते हैं।
निर्मला सीतारमण मुंबई में आयोजित 7वें ग्लोबल फिनटेक फेस्टिवल-2026 के समापन सत्र को संबोधित कर रही थीं।
‘भारत की युवा आबादी बोझ नहीं, ताकत है’
वित्त मंत्री ने कहा कि भारत इस समय अपनी युवा आबादी के जनसांख्यिकीय लाभांश का वास्तविक फायदा उठा रहा है। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद युवा प्रतिभाओं की ओर इशारा करते हुए कहा कि देश के युवाओं में ऊर्जा, उत्साह और महत्वाकांक्षा साफ दिखाई देती है।
उन्होंने कहा कि भारत के युवा सिर्फ अवसरों का इंतजार नहीं कर रहे, बल्कि खुद नए प्लेटफॉर्म बना रहे हैं, कारोबार खड़े कर रहे हैं और देश की अर्थव्यवस्था में योगदान दे रहे हैं।
आलोचकों पर ‘नाराज फूफा’ वाला तंज
निर्मला सीतारमण ने कहा कि कुछ आलोचक भारत की युवा आबादी को लेकर लगातार निराशावादी नजरिया रखते हैं। उन्होंने ऐसे आलोचकों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस्तेमाल किए गए ‘नाराज फूफा’ वाले मुहावरे का इस्तेमाल किया।
वित्त मंत्री के मुताबिक, ऐसे लोग लगातार यह सवाल उठाते रहते हैं कि क्या भारत का जनसांख्यिकीय लाभांश खत्म हो रहा है या युवा आबादी भविष्य में बोझ बन सकती है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ये ‘नाराज फूफा’ भारत की आर्थिक गति और युवाओं की क्षमताओं पर संदेह करने का कोई न कोई कारण तलाश लेते हैं।
‘वाइबकास्टिंग’ और ‘फीलकास्टिंग’ पर भी निशाना
वित्त मंत्री ने आलोचकों की सोच को ‘वाइबकास्टिंग’ और ‘फीलकास्टिंग’ से जोड़ते हुए कहा कि कुछ लोग ठोस आंकड़ों के बजाय अपनी धारणाओं और भावनाओं को तथ्य की तरह पेश करते हैं।
उन्होंने कहा कि देश के युवा पुराने पैमानों की स्वीकृति का इंतजार नहीं कर रहे हैं। वे अपनी उत्पादकता और क्षमता को काम के जरिए साबित कर रहे हैं।
UPI से स्पेस सेक्टर तक गिनाईं उपलब्धियां
निर्मला सीतारमण ने भारत के डिजिटल और तकनीकी विकास का जिक्र करते हुए कहा कि युवा शक्ति की ऊर्जा ने देश को UPI जैसे डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण में मदद की है।
उन्होंने भारत की आर्थिक वृद्धि, स्टार्टअप और उद्यमिता के साथ-साथ अंतरिक्ष क्षेत्र में हो रही प्रगति को भी युवाओं की क्षमता का उदाहरण बताया।
‘युवा आने वाले कल का कोड लिख रहे हैं’
वित्त मंत्री ने कहा कि भारत के युवा आने वाले समय के लिए सिर्फ सपने नहीं देख रहे, बल्कि उन्हें जमीन पर उतार रहे हैं। वे नए कारोबार खड़े कर रहे हैं, उद्यमों को बड़े स्तर पर ले जा रहे हैं और भारत की युवा आबादी को देश की सबसे बड़ी प्रतिस्पर्धात्मक ताकत में बदल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारत का जनसांख्यिकीय लाभांश कोई काल्पनिक संभावना नहीं, बल्कि सक्रिय और वास्तविक ताकत है। उनके मुताबिक, देश के युवाओं का काम ही उन आलोचनाओं का जवाब है, जो उनकी क्षमता और भारत की आर्थिक संभावनाओं पर सवाल उठाती हैं।









