एग्जिट पोल: चिराग पासवान बनेंगे किंग मेकर, जानिये कितनी सीट आ रही चुनाव में, 5 एग्जिट पोल में बड़ा खुलासा
Exit Poll: Chirag Paswan will be the kingmaker, find out how many seats he will win in the election, 5 exit polls reveal big things

Exit Poll : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 ने नया इतिहास रच दिया है। राज्य में इस बार रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया है। दूसरे चरण का मतदान समाप्त होने के बाद अब एग्जिट पोल के नतीजे सामने आने लगे हैं। इन सर्वेक्षणों में एनडीए को स्पष्ट बहुमत मिलने का अनुमान है, वहीं एनडीए में शामिल चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रदर्शन पर भी सबकी निगाहें टिकी हैं।
पांच प्रमुख सर्वे एजेंसियों के अनुमानों के अनुसार, एलजेपी (रामविलास) को 7 से लेकर 19 सीटों तक मिलने की संभावना जताई जा रही है। उच्च मतदान दर ने यह संकेत दिया है कि जनता ने इस बार बदलाव और स्थिरता, दोनों ही मुद्दों पर गंभीरता से निर्णय लिया है। मतदान खत्म होने के साथ ही अब एग्जिट पोल का दौर शुरू हो गया है। राज्य की सत्ता पर फिर से कौन काबिज होगा, इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं। लगभग सभी प्रमुख सर्वे एजेंसियों के अनुमान यह बता रहे हैं कि बिहार में एक बार फिर एनडीए गठबंधन की सरकार बनने की संभावना है।
एनडीए के भीतर चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) का प्रदर्शन भी चर्चा का केंद्र बना हुआ है। इस बार एनडीए में शामिल एलजेपी (रामविलास) को कुल 29 सीटें दी गई थीं, हालांकि एक सीट पर उम्मीदवार का नामांकन रद्द हो जाने के बाद पार्टी ने 28 सीटों पर चुनाव लड़ा।
एग्जिट पोल में चिराग पासवान की पार्टी को लेकर अनुमान
पांच प्रमुख एजेंसियों के एग्जिट पोल में एलजेपी (रामविलास) के लिए अलग-अलग अनुमान लगाए गए हैं। इनमें ‘चाणक्य’ एजेंसी ने पार्टी को सबसे ज्यादा सीटें दी हैं, जबकि Matrize-IANS ने सबसे कम सीटों का अनुमान लगाया है।
आंकड़ों पर नजर डालें तो –
• Matrize-IANS: 7 से 9 सीटें
• Chanakya: 14 से 19 सीटें
• Poll Diary: 12 से 16 सीटें
• TIF Research: 12 से 14 सीटें
• Polstrat: 9 से 12 सीटें
इन आंकड़ों से साफ है कि एलजेपी (रामविलास) का प्रदर्शन इस बार पिछली बार की तुलना में काफी बेहतर रह सकता है।
2020 में अकेले लड़ी थी एलजेपी, मिली थी सिर्फ एक सीट
गौरतलब है कि 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में चिराग पासवान ने एनडीए से अलग होकर अकेले मैदान में उतरने का फैसला किया था। उस चुनाव में पार्टी ने 135 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन उसे केवल एक सीट (बेगूसराय जिले की मटिहानी) पर ही सफलता मिली थी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार एनडीए में शामिल होने से चिराग पासवान को फायदा मिल सकता है। खासतौर पर युवा मतदाताओं और पासवान समुदाय में उनकी पकड़ को देखते हुए पार्टी के प्रदर्शन में सुधार की उम्मीद है।
14 नवंबर को आएंगे नतीजे
अब सबकी निगाहें 14 नवंबर 2025 पर टिकी हैं, जब चुनाव परिणाम घोषित होंगे। तब यह स्पष्ट होगा कि एग्जिट पोल के अनुमान कितने सटीक साबित होते हैं और बिहार की सत्ता पर कौन काबिज होता है। इस बार के उच्च मतदान प्रतिशत और बदलते राजनीतिक समीकरणों ने यह तय कर दिया है कि बिहार की जनता ने इस चुनाव में बहुत सोच-समझकर मतदान किया है — और इसका असर 14 नवंबर को आने वाले नतीजों में साफ दिखाई देगा।









