झारखंड : 20 जून से शुरू होगा वोटर लिस्ट में सुधार का काम, गलत जानकारी दी, तो सीधे होगी FIR, जाना होगा जेल

Jharkhand: Work to revise voter lists will begin on June 20th. Incorrect information will result in a direct FIR and jail time.

रांची। झारखंड में मतदाता सूची की जांच शुरू हो रही है। वोटर लिस्ट को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए चुनाव आयोग 20 जून से विशेष गहन सुधार और जांच कार्यक्रम शुरू करेगा। मृत, डुप्लिकेट और शिफ्टेड वोटरों की सूची भी जारी की जाएगी। फर्जी जानकारी देने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। राज्य में आगामी 20 जून से ‘विशेष गहन सुधार और जांच कार्यक्रम’ (Special Intensive Revision-SIR) लागू किया जाएगा।

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य वोटर लिस्ट में मौजूद गड़बड़ियों को दूर करना, डुप्लिकेट और मृत मतदाताओं की पहचान करना तथा पात्र नागरिकों के नाम सही तरीके से दर्ज करना है। इस संबंध में भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर रांची स्थित निर्वाचन सदन में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रविकुमार ने राज्य के सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा की।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह पूरा अभियान मतदाता सूची को अधिक विश्वसनीय और पारदर्शी बनाने के लिए चलाया जा रहा है।मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि किसी भी वास्तविक और पात्र भारतीय नागरिक का नाम बिना जांच और उचित सुनवाई के मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा। आयोग का फोकस केवल त्रुटियों को दूर करने और मतदाता सूची को अपडेट करने पर है।

वर्तमान मतदाता सूची का पुरानी सूची के साथ मिलान यानी मैपिंग का कार्य तेजी से किया जा रहा है। इसी प्रक्रिया के तहत 23 मई से अगले दो सप्ताह तक उन मतदाताओं की सूची संबंधित मतदान केंद्रों पर प्रदर्शित की जाएगी, जिनकी मैपिंग नहीं हो पाई है। ऐसे मतदाता अपने बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) से संपर्क कर अपनी जानकारी का सत्यापन करा सकते हैं और जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराकर सूची में सुधार करवा सकते हैं।

निर्वाचन विभाग के अनुसार, इस अभियान का एक अहम चरण 5 अगस्त 2026 को पूरा होगा। इसी दिन मतदाता सूची का नया प्रारूप यानी ड्राफ्ट प्रकाशित किया जाएगा। इसके साथ ही एब्सेंट (अनुपस्थित), शिफ्टेड (स्थानांतरित), मृत (Deceased) और डुप्लिकेट मतदाताओं की ASDD सूची भी जारी की जाएगी। यह सूची राजनीतिक दलों को बूथवार हार्ड कॉपी और सॉफ्ट कॉपी दोनों रूपों में निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।

आम नागरिक भी यह जानकारी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी झारखंड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर देख सकेंगे। आयोग का कहना है कि पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पूरी प्रक्रिया को सार्वजनिक और तकनीकी रूप से मजबूत बनाया जा रहा है।मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रविकुमार ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि मतदाता सूची में नाम जुड़वाने या किसी प्रकार का सुधार कराने के लिए यदि कोई व्यक्ति झूठी जानकारी या फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 31 के तहत गलत घोषणा करने वाले लोगों पर सीधे एफआईआर दर्ज की जा सकती है।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह पूरी प्रक्रिया केवल भारतीय नागरिकों के लिए है। किसी भी गैर-भारतीय नागरिक को मतदाता सूची में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यदि कोई विदेशी नागरिक गलत तरीके से नाम दर्ज कराने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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