विशाखापट्टनम स्टील प्लांट में भीषण हादसा: ब्लास्ट के बाद पिघला स्टील गिरने से 8 मजदूरों की मौत, कई घायल
Visakhapatnam Steel Plant accident: 8 workers killed, several injured after molten steel fell following a blast.

विशाखापट्टनम: आंध्र प्रदेश के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम ‘राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड’ (RINL) द्वारा संचालित विशाखापट्टनम स्टील प्लांट (VSP) में सोमवार शाम एक बेहद दर्दनाक और बड़ा औद्योगिक हादसा सामने आया है. प्लांट के स्टील मेल्टिंग शॉप (SMS) यूनिट में अत्यधिक तापमान पर पिघले हुए लिक्विड स्टील से भरी एक करछुल (Ladle) में जोरदार विस्फोट हो गया. इस ब्लास्ट के कारण लगभग 1,600 डिग्री सेल्सियस तापमान पर खौलता हुआ स्टील नीचे काम कर रहे मजदूरों पर गिर गया, जिससे मौके पर ही 8 लोगों की मौत हो गई और कई कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए.
हादसे के वक्त यूनिट में करीब 20 कर्मचारी ड्यूटी पर थे. धमाका इतना तेज था कि प्लांट के भीतर अफरा-तफरी मच गई और जान बचाने के लिए कर्मचारी इधर-उधर भागने लगे. घटना के तुरंत बाद भारी मात्रा में लीक हुए स्टील के कारण प्लांट के सीसीडी यूनिट में भीषण आग लग गई. फैक्टरी की फायर ब्रिगेड और स्थानीय बचाव दल मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने और फंसे हुए कर्मचारियों को निकालने में जुटे हैं.
पीएम मोदी ने जताया दुख, मुआवजे का ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस विशाखापट्टनम स्टील प्लांट हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है. प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट कर पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे की घोषणा की. पीएमओ के अनुसार,
”इस हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष’ (PMNRF) से 2 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा. इसके साथ ही घटना में गंभीर रूप से घायल हुए लोगों को 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी.”
सीएम नायडू और गृह मंत्री एक्शन में
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने घटना पर गहरा शोक जताते हुए घटनास्थल पर मौजूद उच्च अधिकारियों से फोन पर बात की. मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित सरकारी विभागों को एक साथ मिलकर काम करने के निर्देश दिए हैं ताकि राहत और बचाव कार्यों में कोई देरी न हो.
वहीं, राज्य की गृह मंत्री वंगलापुडी अनीता ने हादसे की खबर मिलते ही अपना दौरा बीच में छोड़ दिया और सीधे दुर्घटनास्थल के लिए रवाना हो गईं. उन्होंने जिला कलेक्टर और शहर के पुलिस कमिश्नर से बात कर स्थिति की समीक्षा की. गृह मंत्री के पीआरओ (PRO) के मुताबिक, उन्होंने अधिकारियों को घायलों के लिए तुरंत और बेहतर से बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.
मजदूर यूनियन ने उठाये सवाल, जांच की मांग
हादसे के बाद मजदूर संगठनों में भारी आक्रोश है. मजदूर यूनियन के नेता एन. अयोध्याराम ने बयान जारी कर कहा,
“हमें अंदेशा है कि आग किसी तकनीकी खराबी या धमाके की वजह से लगी है, लेकिन जब तक पूरी और निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक असली वजह साफ नहीं हो पाएगी. इसके अलावा, अभी यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि जान गंवाने वाले श्रमिक कॉन्ट्रैक्ट (ठेके) पर काम करने वाले मजदूर थे या स्टील प्लांट के स्थायी कर्मचारी.”
यूनियन के कुछ नेताओं ने प्लांट में उपकरणों के रखरखाव(Maintenance) और सुरक्षा मानकों में अनदेखी का भी आरोप लगाया है. फिलहाल, स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा विशेषज्ञों की टीम हादसे के सटीक कारणों का पता लगाने में जुट गई है.









