भारत को मिला ‘नया’ सबसे बड़ा मददगार: वेनेजुएला से तेल खरीद में आया भारी उछाल, एक्टिंग प्रेसिडेंट डेल्सी रोड्रिगेज पहुंचीं दिल्ली
India gets 'new' biggest supporter: Venezuelan oil purchases surge, Acting President Delcy Rodriguez arrives in Delhi

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी तनाव और वैश्विक तेल संकट के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाले देश वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति (Acting President) डेल्सी रोड्रिगेज 5 दिनों के आधिकारिक भारत दौरे पर नई दिल्ली पहुंच चुकी हैं।
इस हाई-प्रोफाइल यात्रा के बीच भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया है कि वेनेजुएला, भारत को ‘स्पॉट मार्केट’ के जरिए कच्चे तेल की सप्लाई करने वाला तीसरा सबसे बड़ा देश बनकर उभरा है।
पीएम मोदी से मुलाकात; ‘परफेक्ट तालमेल’ पर बनी बात
कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के साथ उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक के बाद विदेश मंत्रालय के सचिव (पूर्व) रुदेंद्र टंडन ने स्पेशल प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा:”वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है, और भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है जिसकी तेल की मांग लगातार बढ़ रही है। दोनों देशों के बीच यह एक ‘परफेक्ट पूरकता’ (Complementarity) है। वेनेजुएला भारत को लंबे समय के लिए एक स्थिर और भरोसेमंद खरीदार के रूप में देखता है।”
क्या होती है ‘स्पॉट खरीद’ (Spot Purchase)?
आसान शब्दों में समझें तो जब तेल बाज़ार में चल रही मौजूदा कीमत पर तुरंत डिलीवरी (बिना किसी लंबे समय के कॉन्ट्रैक्ट या एग्रीमेंट के) के लिए कच्चा तेल खरीदा जाता है, तो उसे ‘स्पॉट खरीद’ कहते हैं। इस महीने भारत ने वेनेजुएला से इसी माध्यम के जरिए रिकॉर्ड मात्रा में तेल खरीदा है, जिससे वेनेजुएला अचानक भारत का टॉप-3 सप्लायर बन गया है।
सिर्फ तेल ही नहीं, इन सेक्टर्स में भी होगी बड़ी पार्टनरशिप
विदेश मंत्रालय के अनुसार, वेनेजुएला अब आर्थिक संकट से उबर कर लगातार विकास की राह पर लौट रहा है। ऐसे में दोनों देशों के बीच सिर्फ कच्चे तेल (Crude Oil) पर ही बातचीत नहीं हुई, बल्कि भारतीय कंपनियों के लिए वहां निवेश के कई नए रास्ते खुल रहे हैं:
क्रिटिकल मिनरल्स और माइनिंग: सोना, हीरा और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों के खनन में सहयोग।
फार्मास्यूटिकल्स (दवाइयां): वेनेजुएला के स्वास्थ्य क्षेत्र में भारतीय दवाओं की एंट्री।
ऑटोमोटिव और कृषि: भारतीय गाड़ियों और खेती के आधुनिक उपकरणों का वेनेजुएला में निर्यात।
पशुपालन और परिवहन (Transport): इन क्षेत्रों में भी दोनों देश मिलकर काम करेंगे।
संकट के समय भारत ने निभाया ‘सच्चे दोस्त’ का फर्ज
विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, वेनेजुएला ने इस बात की खुलकर तारीफ की है कि भारत ने अच्छे और बुरे, दोनों ही वक्त में उसका साथ दिया है। यही वजह है कि वेनेजुएला भविष्य के लिए भारत को अपना सबसे पसंदीदा पार्टनर मान रहा है। डेल्सी रोड्रिगेज का यह 5 दिवसीय दौरा (3 जून से 7 जून) भारत की एनर्जी डिप्लोमेसी के लिए एक गेम-चेंजर साबित होने वाला है।







