बड़ी घटना- 17 की मौत: झारखंड, बिहार व बंगाल के 17 लोगों की मौत, 18 लोगों की हालत अभी भी नाजुक, 35-35 लाख मुआवजा व नौकरी की घोषणा
Major incident - 17 dead: 17 people from Jharkhand, Bihar and Bengal died, 18 are still in critical condition, 35 lakh rupees compensation and jobs announced.

एक बड़े हादसे में झारखंड-बिहार और बंगाल के 17 लोगों की मौत हो गयी। हादसा उस वक्त हुआ, जब एक इंडस्ट्री में बॉयलर ब्लास्ट हो गया, इस घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है, जबकि अभी भी कईयों की हालत गंभीर है। प्रशासन ने जांच और मुआवजे की घोषणा कर दी है।
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Big News : एक दर्दनाक हादसे में 17 लोगों की मौत हो गयी। मृतकों में झारखंड, बिहार और बंगाल के लोग शामिल हैं, भी भी कईयों की हालत गंभीर बनी हुई है। ये हादसा छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में घटी है। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट हो गया। दोपहर करीब 2 बजे हुए इस हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है, जबकि 36 मजदूर झुलस गए थे।
इनमें से 18 घायलों का इलाज अब भी विभिन्न अस्पतालों में जारी है और कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, प्लांट के बॉयलर में अचानक दबाव बढ़ने के कारण जोरदार विस्फोट हुआ। धमाका इतना भीषण था कि आसपास काम कर रहे मजदूर सीधे इसकी चपेट में आ गए।
मौके पर ही चार मजदूरों की मौत हो गई थी, जबकि अन्य ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना के बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।इस दर्दनाक हादसे में छत्तीसगढ़ के अलावा बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के मजदूर भी शामिल हैं।
झारखंड-बिहार के मृतक
कई शव इतनी बुरी तरह झुलस गए हैं कि उनकी पहचान करने में प्रशासन को कठिनाई हो रही है। कुछ मृतकों की पहचान हो चुकी है, जबकि अन्य की पहचान की प्रक्रिया जारी है।जिला प्रशासन द्वारा जारी सूची के अनुसार मृतकों में रितेश कुमार (भागलपुर, बिहार), अमृत लाल पटेल (सक्ती, छत्तीसगढ़), ठंडा राम लहरे (सक्ती), तरुण कुमार ओझा (धनबाद, झारखंड), आकिब खान (दरभंगा, बिहार), सुसंता जना (पूर्वी मिदनापुर, पश्चिम बंगाल), अब्दुल करीम (झारखंड), उधब सिंह यादव (रायगढ़, छत्तीसगढ़), शेख सैफुद्दीन (पश्चिम बंगाल), पप्पू कुमार (सोनभद्र, उत्तर प्रदेश), अशोक फरिहा (झारखंड), मानस गिरी (पश्चिम बंगाल), ब्रिजेश कुमार (उत्तर प्रदेश), रामेश्वर महिलांगे (जांजगीर-चांपा, छत्तीसगढ़), कार्तिक महतो (पश्चिम बंगाल), नदीम अंसारी (सक्ती, छत्तीसगढ़) और शिबनाथ मुर्मू (पश्चिम बंगाल) शामिल हैं।
मुआवजे का किया ऐलान
हादसे के बाद मृतकों के परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा गया। प्लांट के बाहर परिजनों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि हादसे के बाद सही और समय पर जानकारी नहीं दी जा रही है, वहीं कुछ मजदूर अब भी लापता बताए जा रहे हैं।मुआवजे की घोषणा करते हुए वेदांता प्रबंधन ने मृतकों के परिजनों को 35-35 लाख रुपये और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की बात कही है। वहीं घायलों को 15-15 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। इसके अलावा प्रधानमंत्री राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपये देने की घोषणा की गई है।
मुख्यमंत्री ने जताया दुख, मुआवजा
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की है, साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।जिला कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी और यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।









