खेती में होगा डबल मुनाफा! पीएम कृषि सिंचाई योजना से ड्रिप और स्प्रिंकलर सिस्टम पर मिल रही है बंपर सब्सिडी, ऐसे उठाएं लाभ

Farming profits will double! The PM Agricultural Irrigation Scheme offers generous subsidies on drip and sprinkler systems. Here's how to take advantage.

नई दिल्ली: भारतीय खेती में मानसून की बेरुखी, घटता भूजल स्तर और डीजल-बिजली के बढ़ते दाम हमेशा से किसानों के लिए एक बड़ा सिरदर्द रहे हैं। सही समय पर फसलों को पानी न मिलना पूरी मेहनत पर पानी फेर देता है। इसी समस्या का परमानेंट इलाज करने के लिए सरकार प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) के तहत एक बेहद शानदार कंपोनेंट ‘प्रति बूंद अधिक फसल’ (Per Drop More Crop) चला रही है।
​इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश के हर खेत तक पानी पहुंचाना और पानी की बर्बादी को रोकना है। अगर आप भी पारंपरिक तरीके से सिंचाई करके थक चुके हैं, तो यह सरकारी योजना आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इसमें सरकार आधुनिक सिंचाई सिस्टम लगाने पर भारी-भरकम सब्सिडी दे रही है।

​आधुनिक तकनीकों पर मिल रही है भारी छूट

​इस योजना के तहत किसानों को अपने खेतों में आधुनिक तकनीकें अपनाने के लिए बंपर फाइनेंशियल हेल्प (वित्तीय सहायता) दी जा रही है:
छोटे और सीमांत किसान: इन्हें ड्रिप इरिगेशन (टपक सिंचाई) और स्प्रिंकलर (फव्वारा सिंचाई) डिवाइसेज को खरीदने और इंस्टॉल करने पर लागत का 55% तक की भारी सब्सिडी मिलती है।
अन्य या बड़े किसान: इन्हें भी सरकार की तरफ से 45% तक की तगड़ी छूट दी जाती है।
​इस योजना का फायदा उठाकर किसान बहुत ही कम खर्च में अपने पूरे खेत में माइक्रो इरिगेशन (सूक्ष्म सिंचाई) का सेटअप तैयार करवा सकते हैं। इसके बाद पानी की किल्लत से जूझना नहीं पड़ेगा और मेहनत भी आधी हो जाएगी।

​पानी की बचत के साथ लागत में आएगी कमी

​इस आधुनिक सिंचाई मॉडल को अपनाने के कई बड़े फायदे हैं:
​40 से 50% पानी की बचत: ड्रिप सिस्टम से पानी सीधा पौधों की जड़ों तक बूंद-बूंद करके पहुंचता है, जिससे खेतों में फालतू पानी जमा नहीं होता और न ही खरपतवार (घास-फूस) पनपती है।

खाद और कीटनाशकों का कम खर्च: लिक्विड खाद और कीटनाशकों को पानी के साथ मिलाकर सीधे जड़ों तक भेजा जा सकता है, जिससे लागत कम होती है।
पैदावार में बढ़ोतरी: फसलों को सही मात्रा में पानी मिलने से फसल की क्वालिटी लाजवाब होती है और पैदावार में 20 से 30 फीसदी तक की बंपर बढ़ोतरी होती है।
डबल मुनाफा: कम लागत में ज्यादा और बेहतरीन उत्पादन मिलने की वजह से किसानों की आमदनी और मुनाफा सीधे तौर पर बढ़ जाता है।

​योजना का लाभ लेने के लिए जरूरी दस्तावेज (Documents)

​अगर आप इस योजना के लिए आवेदन करना चाहते हैं, तो आपके पास नीचे दिए गए दस्तावेज होने चाहिए:

  1. ​आधार कार्ड
  2. ​भूमि के दस्तावेज (खसरा नंबर, जमीन की नकल/जमाबंदी)
  3. ​बैंक खाता पासबुक (सब्सिडी की राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर (DBT) की जाती है
  4. ​पासपोर्ट साइज फोटो
  5. ​अधिकृत वेंडर से मिला कोटेशन (सिस्टम लगाने का अनुमानित खर्च)

​कैसे करें आवेदन? (Step-by-Step Process)

1. आधिकारिक पोर्टल पर जाएं
स्टेप 1
योजना की आधिकारिक वेबसाइट pmksy.gov.in पर जाएं या अपने राज्य के कृषि/उद्यानिकी (Horticulture) विभाग के पोर्टल पर विजिट करें।
2. रजिस्ट्रेशन और फॉर्म भरना
स्टेप 2
किसान खुद या नजदीकी जन सुविधा केंद्र (CSC) / साइबर कैफे की मदद से पोर्टल पर अपनी व्यक्तिगत और भूमि की जानकारी भरकर ऑनलाइन पंजीकरण करें।
3. दस्तावेज अपलोड करें
स्टेप 3
आधार कार्ड, बैंक पासबुक, जमीन के कागजात और अप्रूव्ड सप्लायर से लिया गया कोटेशन (Quotation) फॉर्म के साथ अपलोड करें।
4. फील्ड वेरिफिकेशन
स्टेप 4
आवेदन जमा होने के बाद कृषि विभाग के अधिकारी (Agriculture Officer) खेत का निरीक्षण (Field Inspection) करने आते हैं।
5. सब्सिडी का लाभ
स्टेप 5
मंजूरी मिलने के बाद आपके खेत में सिस्टम इंस्टॉल कर दिया जाता है। सरकार द्वारा तय सब्सिडी की राशि का लाभ सीधे ट्रांसफर कर दिया जाता है और बाकी का हिस्सा किसान को देना होता है।

काम की बात: अधिक जानकारी या किसी भी समस्या के समाधान के लिए किसान अपने ब्लॉक/जिला कृषि कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं या सरकार के टोल-फ्री किसान कॉल सेंटर (1800-180-1551) पर भी कॉल कर सकते हैं।

Chauhan

It is one of the rapidly emerging news websites of the country. HPBL has proved its name (Har Pal Breaking Live) meaningful every time. HPBL, which has become a trusted brand of Bihar-Jharkhand, check every news of HPBL for its reliability before delivering it to you. The reporters and desk staff of hpblnews.com news website work on a 24X7 mission mode for you, the readers.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *