UPDATE: JPSC भर्ती घोटाले में शिकंजा और कसा! अभय तिवारी पहुंचा जेल, 450+ से पूछताछ के बाद अब इस आरोपी की रिमांड की तैयारी
दूसरी रिमांड खत्म होते ही TDPL के मार्केटिंग मैनेजर को न्यायिक हिरासत में भेजा गया, 25 से ज्यादा सफल अभ्यर्थियों से भी पूछताछ; अब कोचिंग संचालक रवि से होगी पूछताछ

रांची। झारखंड में JPSC भर्ती घोटाले की जांच कर रही CID की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। मामले में शुक्रवार को एक और अहम कार्रवाई हुई। TDPL के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी को जेल भेज दिया गया। दूसरी बार ली गई रिमांड की अवधि पूरी होने के बाद CID ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
हालांकि, अभय तिवारी के जेल जाने के बावजूद मामले की जांच की रफ्तार कम नहीं हुई है। एजेंसी लगातार आरोपियों, कर्मचारियों और परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों से पूछताछ कर रही है। अब जांच की अगली कड़ी में कोचिंग संचालक रवि को रिमांड पर लेने की तैयारी की जा रही है।
कई लोगों से पूछताछ का सिलसिला जारी
अभय तिवारी की रिमांड खत्म होने के बाद उसे जेल भेज दिया गया, लेकिन CID ने शुक्रवार को मामले से जुड़े अन्य लोगों से पूछताछ जारी रखी।
JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते के कंप्यूटर ऑपरेटर धर्मेंद्र कुमार के अलावा TDPL के कर्मचारी प्रदीप और संजय से भी पूछताछ की गई। इन तीनों को शनिवार तक रिमांड पर लिया गया है।
वहीं, दो दिन पहले गिरफ्तार किए गए कोचिंग संचालक रवि से पूछताछ के लिए भी CID ने तैयारी पूरी कर ली है। माना जा रहा है कि शनिवार को उसे रिमांड पर लेकर जांच एजेंसी कई अहम बिंदुओं पर पूछताछ कर सकती है।
450 से ज्यादा लोगों से पूछताछ
JPSC CGL परीक्षा में सफल अभ्यर्थी भी अब CID की जांच के दायरे में हैं। शुक्रवार को 25 से ज्यादा सफल अभ्यर्थियों से पूछताछ की गई।
जांच एजेंसी अब तक सवा चार सौ से ज्यादा लोगों से पूछताछ कर चुकी है। पूछताछ के दौरान सामने आ रही जानकारियों और बयानों को जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है।
सफल अभ्यर्थियों की भूमिका भी खंगाल रही CID
CID यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा से जुड़े घटनाक्रम में किन लोगों की भूमिका संदिग्ध रही है। सफल अभ्यर्थियों से पूछताछ के जरिए भी एजेंसी कई कड़ियों को जोड़ने की कोशिश कर रही है।
जांच के दौरान जिन लोगों की भूमिका संदिग्ध पाई जा रही है, उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा रही है।
अब रवि से पूछताछ पर टिकी नजर
अभय तिवारी को जेल भेजे जाने के बाद अब जांच की नजर कोचिंग संचालक रवि पर टिक गई है। उसकी रिमांड के दौरान CID किन सवालों के जवाब तलाशती है और पूछताछ में क्या नई जानकारी सामने आती है, यह आने वाले समय में अहम होगा।
फिलहाल गिरफ्तारियों, रिमांड और सैकड़ों लोगों से पूछताछ के बीच JPSC भर्ती घोटाले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। आने वाले दिनों में मामले में और कार्रवाई होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।









