JPSC वाली श्वेता गुप्ता का क्या होगा ? JPSC की पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता की जमानत पर फैसला सुरक्षित, दोनों पक्षों की दलीलें पूरी
What will happen to Shweta Gupta of the JPSC case? The verdict on the bail plea of former JPSC Deputy Controller of Examinations Shweta Gupta has been reserved; arguments from both sides have concluded.

रांची। जेपीएससी पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता का क्या होगा? कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। जेपीएससी परीक्षा में कथित गड़बड़ी के मामले में आरोपित झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई।
अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जमानत याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।श्वेता गुप्ता की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा और अधिवक्ता देवर्षि मंडल ने अदालत के समक्ष पक्ष रखा। बचाव पक्ष ने आरोपों से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर अपना पक्ष रखते हुए जमानत दिए जाने की मांग की।
बचाव पक्ष ने कहा- TDPL चयन में कोई भूमिका नहीं
हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि TDPL के चयन में श्वेता गुप्ता की कोई भूमिका नहीं थी। उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को लेकर बचाव पक्ष ने अदालत के सामने अपनी दलीलें रखीं।
वहीं, व्हाट्सएप पर आंसर की भेजे जाने से जुड़े आरोप पर बचाव पक्ष ने कहा कि संबंधित आंसर की वेबसाइट पर प्रकाशित होने के बाद व्हाट्सएप पर भेजी गई थी। इसलिए इस आधार पर भी उनकी भूमिका को लेकर बचाव पक्ष ने सवाल उठाए।
अब कोर्ट के फैसले का इंतजार
जमानत याचिका पर दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब श्वेता गुप्ता की जमानत याचिका पर अदालत के फैसले का इंतजार है।
मामला JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं और उससे जुड़े आरोपों से संबंधित है। अदालत के आगामी आदेश से यह स्पष्ट होगा कि पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक को इस मामले में जमानत मिलती है या नहीं।
कौन है श्वेता गुप्ता
जेपीएससी गड़बड़ी की छापेमारी के बाद सबसे पहले आयोग की पूर्व असिस्टेंट एग्जामिनेशन कंट्रोलर श्वेता गुप्ता को हिरासत में लिया था और बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। सीआईडी की आशंका है कि उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता और बीएसओ के तार एक ही संगठित परीक्षा सिंडिकेट से जुड़े हो सकते हैं। इस मामले में तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक असीम किस्पोट्टा ने भी नियुक्ति एजेंसी की कार्यप्रणाली को लेकर आयोग के अध्यक्ष से शिकायत की थी। इसके बाद उन्हें परीक्षा संबंधी काम से हटा दिया गया। बाद में लोकेश मिश्रा को परीक्षा नियंत्रक बनाया गया, लेकिन कुछ ही दिनों बाद उन्हें भी परीक्षा कार्य से मुक्त कर दिया गया।
श्वेता गुप्ता तबादले के बाद भी जेपीएससी में काम करती रहीं
इसके बाद उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता को परीक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य सौंप दिए गए। लेकिन 22 मई को श्वेता गुप्ता का तबादला खाद्य आपूर्ति विभाग में हो गया। इसके बाद भी उन्हें जेपीएससी से रिलीव नहीं किया गया और परीक्षा के जुड़े महत्वपूर्ण कार्य की जिम्मेदारी दी गई। यानी तबादला होने के बावजूद भी वो जेपीएससी परीक्षा व्यवस्था से जुड़े संवेदनशील और महत्वपूर्ण कार्य संभालती रहीं।








