Cardiac Arrest: कार्डियक अरेस्ट से पहले दिख सकते हैं ये 9 चेतावनी संकेत, जानिए हार्ट अटैक से कितना अलग है यह खतरा

सांस फूलना, सीने में दर्द, अचानक थकान और धड़कन में बदलाव जैसे लक्षणों को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी; जानें कब तुरंत मेडिकल मदद लेना जरूरी है

मुंबई। अभिनेता नाना पाटेकर के निधन के बाद कार्डियक अरेस्ट एक बार फिर चर्चा में है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक नाना पाटेकर को कार्डियक अरेस्ट आया था और अस्पताल ले जाने के बाद करीब 45 मिनट तक CPR दिए जाने की बात सामने आई। उनके निधन के बाद लोग यह जानना चाह रहे हैं कि कार्डियक अरेस्ट से पहले शरीर कोई संकेत देता है या नहीं और इसे हार्ट अटैक से कैसे अलग पहचाना जा सकता है।

सबसे जरूरी बात यह है कि कार्डियक अरेस्ट कई बार अचानक भी हो सकता है और हर व्यक्ति में उससे पहले एक जैसे लक्षण दिखाई दें, यह जरूरी नहीं है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के मुताबिक कार्डियक अरेस्ट में दिल अचानक ठीक से धड़कना बंद कर देता है, जिससे शरीर और मस्तिष्क तक रक्त का प्रवाह रुक जाता है। व्यक्ति बेहोश हो सकता है और सामान्य रूप से सांस लेना बंद कर सकता है या केवल हांफ सकता है।

कार्डियक अरेस्ट से जुड़े कौन से चेतावनी संकेत नजरअंदाज न करें

कुछ लोगों में कार्डियक अरेस्ट से पहले या उससे जुड़ी हृदय संबंधी समस्या के दौरान ऐसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं, जो शरीर के लिए चेतावनी माने जाते हैं। हालांकि, इन्हें कार्डियक अरेस्ट से ठीक एक घंटे पहले आने वाले निश्चित संकेत नहीं माना जा सकता।

1. सांस फूलना

बिना ज्यादा मेहनत किए सांस फूलना या सामान्य काम के दौरान सांस लेने में परेशानी होना हृदय से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है। महिलाओं में हार्ट अटैक के दौरान सांस फूलना प्रमुख लक्षणों में शामिल हो सकता है।

2. असामान्य या बहुत ज्यादा थकान

अचानक बहुत अधिक थकान महसूस होना, खासकर जब उसका कोई स्पष्ट कारण न हो, कभी-कभी हृदय संबंधी समस्या का संकेत हो सकता है। इसे लगातार नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

3. कमर, पीठ या शरीर के ऊपरी हिस्से में दर्द

हार्ट अटैक का दर्द केवल सीने तक सीमित नहीं रहता। पीठ, गर्दन, जबड़े, हाथ या शरीर के दूसरे ऊपरी हिस्सों में असहजता या दर्द भी इसका संकेत हो सकता है।

4. पेट में दर्द या बेचैनी

कुछ लोगों में हार्ट अटैक के दौरान पेट के ऊपरी हिस्से में असहजता या दर्द महसूस हो सकता है। खासकर जब इसके साथ दूसरे लक्षण भी मौजूद हों तो इसे साधारण गैस या अपच मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

5. जी मिचलाना या उल्टी

मतली और उल्टी भी हार्ट अटैक के संभावित लक्षणों में शामिल हैं। महिलाओं में हार्ट अटैक के दौरान ऐसे लक्षण अपेक्षाकृत अलग तरीके से सामने आ सकते हैं।

6. सीने में दर्द या दबाव

सीने के बीच में दबाव, जकड़न, भारीपन या दर्द हार्ट अटैक का प्रमुख चेतावनी संकेत हो सकता है। यह परेशानी कुछ मिनट तक रह सकती है या थोड़ी देर बाद ठीक होकर दोबारा भी आ सकती है।

7. चक्कर आना या बेहोशी

अचानक चक्कर आना, कमजोरी महसूस होना या बेहोशी जैसी स्थिति को भी गंभीरता से लेना चाहिए। अगर यह सीने में दर्द, सांस फूलने या धड़कन में बदलाव के साथ हो तो तत्काल मेडिकल मदद जरूरी है।

8. बुखार जैसा महसूस होना या असामान्य बेचैनी

कुछ लोगों को हृदय संबंधी समस्या के दौरान शरीर में असामान्य गर्मी, पसीना या बीमारी जैसा महसूस हो सकता है। हालांकि, बुखार अपने आप में कार्डियक अरेस्ट का विशिष्ट संकेत नहीं है और इसके कई अन्य कारण भी हो सकते हैं।

9. दिल की धड़कन में अचानक बदलाव

दिल का बहुत तेज धड़कना, धड़कन का अनियमित महसूस होना या ऐसा लगना कि दिल की धड़कन बीच में छूट रही है, हृदय की रिदम से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है। कार्डियक अरेस्ट अक्सर हृदय की इलेक्ट्रिकल समस्या और अनियमित रिदम से जुड़ा होता है।

कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक एक नहीं हैं

कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक को अक्सर एक ही समझ लिया जाता है, लेकिन दोनों अलग-अलग स्थितियां हैं। हार्ट अटैक मुख्य रूप से रक्त संचार की समस्या है। इसमें हृदय तक जाने वाली रक्त वाहिका में ब्लॉकेज के कारण हृदय की मांसपेशियों तक पर्याप्त रक्त और ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती।

वहीं कार्डियक अरेस्ट मुख्य रूप से हृदय की इलेक्ट्रिकल समस्या है। इसमें हृदय की धड़कन अचानक बिगड़ सकती है और वह प्रभावी ढंग से रक्त पंप करना बंद कर देता है।

दोनों के बीच एक महत्वपूर्ण संबंध भी है। हार्ट अटैक कुछ मामलों में कार्डियक अरेस्ट का कारण बन सकता है, लेकिन हर हार्ट अटैक कार्डियक अरेस्ट में नहीं बदलता।

कार्डियक अरेस्ट होने पर क्या करना चाहिए

अगर कोई व्यक्ति अचानक बेहोश होकर गिर जाए, सामान्य रूप से सांस न ले रहा हो या केवल हांफ रहा हो और प्रतिक्रिया न दे रहा हो, तो इसे मेडिकल इमरजेंसी मानना चाहिए। तुरंत स्थानीय आपातकालीन सेवा को कॉल करें और CPR शुरू करें। अगर आसपास AED यानी ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर उपलब्ध हो तो उसे जल्द से जल्द इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

कार्डियक अरेस्ट में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार तत्काल CPR और उपलब्ध होने पर AED का इस्तेमाल व्यक्ति की जान बचाने की संभावना बढ़ा सकता है।

जांच से कैसे पता चलता है हृदय में समस्या है

हृदय संबंधी लक्षणों की जांच के लिए डॉक्टर स्थिति के अनुसार ECG, इकोकार्डियोग्राम, ब्लड टेस्ट, कार्डियक इमेजिंग या अन्य जांच की सलाह दे सकते हैं। ECG हृदय की इलेक्ट्रिकल गतिविधि रिकॉर्ड करता है और कुछ हृदय संबंधी समस्याओं का पता लगाने में मदद करता है।

अगर आपको या आपके आसपास किसी व्यक्ति को सीने में दर्द, सांस फूलना, बेहोशी, असामान्य धड़कन या अचानक गंभीर कमजोरी जैसे लक्षण महसूस हों, तो इसे सामान्य परेशानी समझकर इंतजार न करें। ऐसी स्थिति में जल्द से जल्द चिकित्सकीय सहायता लेना जरूरी है।

Anita Nishad

Anita Nishad is a dedicated and insightful journalist currently serving as a key voice at HPBL News. With a deep-rooted passion for storytelling and truth-seeking, Anita has become a trusted name in digital and broadcast journalism, particularly known for her ability to bring grassroots issues to the forefront.

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