है भगवान ! पत्नी की मौत का गम नहीं कर पाया बर्दाश्त, घंटे भर बाद ही पति की भी टूट गयी सांसे, एक ही चिता पर दोनों का हुआ अंतिम संस्कार
Oh God! Unable to bear the grief of his wife's death, the husband also breathed his last just an hour later, and both were cremated on the same funeral pyre.

पति-पत्नी का रिश्ता सबसे मजबूत रिश्ता होता है। इस मजबूत रिश्ते की एक बानगी देर शाम देखने को मिली, जब 98 साल की उम्र में पत्नी ने दम तोड़ा, तो 1 घंटे बाद 100 साल के पति की भी सांसें थम गयी। इस बुजुर्ग दंपत्ति की मौत ने पूरे गांव को गम में डूबो दिया।
Regional News : पति-पत्नी का रिश्ता बेहद मजबूत होता है, लेकिन ये रिश्ता मजबूत होने के साथ-साथ कभी-कभी मिसाल भी बन जाता है। बिहार के अररिया से एक ऐसी ही रिश्ते की मिसाल सामने आयी है।
अररिया जिले के फारबिसगंज प्रखंड अंतर्गत हलहलिया पंचायत के वार्ड संख्या पांच, जागिर हलहलिया में 98 साल की पत्नी ने दम तोड़ा, तो घंटे भर बाद ही 100 साल के पति की भी मौत हो गयी। जीवन भर साथ निभाने वाले पति-पत्नी ने इस दुनिया को भी मानो एक साथ ही अलविदा कहा। घटना की खबर फैलते ही स्वजनों और ग्रामीणों में शोक की लहर दौड़ पड़ी।
परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, देर रात करीब 10 से 11 बजे के बीच 98 वर्षीय राधा देवी ने अंतिम सांस ली। पत्नी के निधन के सदमे को पति 100 वर्षीय सुकदेव ठाकुर उर्फ मुनी जी सहन नहीं कर सके और कुछ ही समय बाद उन्होंने भी प्राण त्याग दिए। एक ही रात में घर के दो स्तंभों के यूं ढह जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
जीवन भर का साथ, एक साथ विदाई
ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की घटना क्षेत्र में विरले ही देखने को मिलती है। दोनों पति-पत्नी का आपसी स्नेह, समझ और साथ गांव में मिसाल माना जाता था। गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि सुकदेव ठाकुर उर्फ मुनी जी मेहनती, सरल और मिलनसार स्वभाव के व्यक्ति थे।
वहीं राधा देवी धार्मिक प्रवृत्ति की महिला थीं, जो पूजा-पाठ और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहती थीं। दोनों का व्यवहार इतना सौम्य था कि गांव का हर व्यक्ति उन्हें आदर और स्नेह की दृष्टि से देखता था।
परिवार में मातम का माहौल
मृतक दंपती अपने पीछे तीन पुत्र और तीन पुत्री सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। घटना के बाद घर में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। रिश्तेदारों और परिचितों का तांता लगा रहा, जो दुख की इस घड़ी में परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचे।
शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंचे जनप्रतिनिधि
घटना की सूचना मिलते ही पंचायत प्रतिनिधि और स्थानीय गणमान्य लोग मृतक के आवास पर पहुंचे। पंचायत के मुखिया अशोक कुमार यादव सहित डॉ. शिवनारायण यादव, अनिरुद्ध यादव, अखलेश मंडल, बासुदेव ठाकुर, रामानंद ठाकुर, विजय ठाकुर, श्रवण ठाकुर, श्रवण कुमार मंडल और मुन्ना भगत समेत कई लोगों ने परिजनों के प्रति गहरी शोक संवेदना व्यक्त की। सभी ने दिवंगत दंपती के जीवन को प्रेरणादायी बताते हुए उनके निधन को गांव के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
नम आंखों से दी अंतिम विदाई
शुक्रवार को दोनों का अंतिम संस्कार पूरे विधि-विधान के साथ किया गया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। वातावरण में शोक और भावुकता का दृश्य स्पष्ट था। गांववासियों ने नम आंखों से उस दंपती को अंतिम विदाई दी, जिनका जीवन भर का साथ समाज के लिए एक उदाहरण बन गया।









