झारखंड- ठंड से बचाव बना जानलेवा: अंगीठी जलाकर सोने के दौरान बड़ा हादसा, नानी-नातिन की मौत, एक अन्य महिला की हालत नाजुक, BSF जवान के घर टूटा दुखों का पहाड़
Jharkhand – Cold weather turns deadly: A major accident occurred while sleeping with a fireplace lit, killing a grandmother and granddaughter, leaving another woman in critical condition, and a BSF soldier's family in deep sorrow.

Jharkhand News : झारखंड इन दिनों कड़ाके की ठंड की चपेट में है। तापमान तीन से चार डिग्री तक पहुंच गया है। ठंड से बचने के लिए लोग अलाव और अंगीठी जला रहे हैं, लेकिन यही बचाव जानलेवा हो रहा है। पलामू जिले के हुसैनाबाद थाना क्षेत्र के फुलडीहा गांव एक भीषण हादसा हुआ है, जहां ठंड से बचने के लिए बंद कमरे में अंगीठी जलाकर सोने से दो लोगों की जान चली गयी।
मृतकों में वृद्ध महिला और एक नाबालिग बच्ची की मौत हो गई, जबकि एक महिला की हालत गंभीर बनी हुई है। एक ही परिवार के दो लोगों की मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है। बताया जा रहा है कि फुलडीहा गांव निवासी मिथिलेश राम की पत्नी किरण देवी, उनकी 79 वर्षीय सास मुलारो कुंवर और 15 वर्षीय बेटी माया कुमारी शुक्रवार की रात भीषण ठंड के कारण एक बंद कमरे में अंगीठी जलाकर सो रही थीं।
वहीं, परिवार के अन्य सदस्य घर के दूसरे कमरे में सोए हुए थे। आशंका जताई जा रही है कि बंद कमरे में अंगीठी जलने से निकलने वाली जहरीली गैस (कार्बन मोनोऑक्साइड) के कारण तीनों बेहोश हो गईं। सुबह तक जब तीनों काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं निकलीं, तो परिजनों को चिंता हुई। परिजनों ने दरवाजा खटखटाया और आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
इसके बाद ग्रामीणों की मदद से दरवाजा तोड़ा गया। जैसे ही दरवाजा खुला, अंदर का दृश्य देखकर सभी सन्न रह गए। कमरे के अंदर तीनों महिलाएं अचेत अवस्था में बिस्तर पर पड़ी हुई थीं।हुसैनाबाद थाना को इसकी सूचना दी गई। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी सोनू कुमार चौधरी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
तत्काल एंबुलेंस की व्यवस्था कर तीनों को हुसैनाबाद अनुमंडलीय अस्पताल भेजा गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद मुलारो कुंवर और माया कुमारी को मृत घोषित कर दिया, जबकि किरण देवी की हालत गंभीर पाई गई। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए एमएमसीएच, मेदिनीनगर रेफर कर दिया गया।
घटना की जानकारी मिलते ही अनुमंडलीय अस्पताल में ग्रामीणों और परिजनों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराई और इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिए।
बताया जा रहा है कि मृतका मुलारो कुंवर कुछ दिन पहले अपने पैतृक गांव तेतरिया (थाना नबीनगर) से बेटी के घर फुलडीहा आई थीं। वहीं मृत बच्ची माया कुमारी परिवार की इकलौती बेटी थी। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।मृतका के दामाद मिथिलेश राम सीमा सुरक्षा बल (BSF) में जवान हैं और वर्तमान में तमिलनाडु में पदस्थापित हैं।









