JPSC-JSSC आंदोलन: क्या आज खत्म हो जाएगा छात्रों का आंदोलन? राहुल गांधी की CM हेमंत को चिट्ठी से बढ़ी हलचल, दोपहर 2 बजे निर्णायक वार्ता

JPSC-JSSC छात्र आंदोलन के बीच आज दोपहर 2 बजे सरकार और छात्रों के बीच फिर वार्ता होगी। राहुल गांधी की मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को चिट्ठी के बाद समाधान की उम्मीद बढ़ी है, लेकिन 20 अगस्त के CM आवास घेराव पर अभी भी नजर है।

रांची। झारखंड में JPSC-JSSC छात्र आंदोलन को लेकर आज का दिन बेहद अहम होने जा रहा है। करीब तीन सप्ताह से जारी आंदोलन के बीच अब सवाल उठ रहा है कि क्या आज सरकार और छात्रों की बातचीत के बाद आंदोलन खत्म हो जाएगा? इस सवाल के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी की मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लिखी चिट्ठी ने सियासी हलचल और बढ़ा दी है। वहीं, सरकार ने आंदोलनरत छात्रों को एक बार फिर बातचीत के लिए बुलाया है।

सरकार और छात्रों के बीच आज 17 अगस्त को दोपहर 2 बजे मोरहाबादी स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में वार्ता होनी है। इस बार बातचीत में सरकार की ओर से चार मंत्री शामिल होंगे। साथ ही छात्रों को अपने विधिक सलाहकारों के साथ बैठक में शामिल होने का विकल्प दिया गया है। इससे माना जा रहा है कि सरकार इस बार बातचीत को पहले के मुकाबले अधिक समाधानपरक बनाने की कोशिश में है।

राहुल गांधी की चिट्ठी के बाद बढ़ी हलचल

छात्र आंदोलन के बीच कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व की सक्रियता ने पूरे मामले को नया राजनीतिक मोड़ दे दिया है। राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र भेजकर छात्र-युवाओं की समस्याओं और उनके आंदोलन का जल्द समाधान निकालने की दिशा में पहल करने का संदेश दिया है।

कांग्रेस महानगर अध्यक्ष डॉ. कुमार राजा ने राहुल गांधी का संदेश मुख्यमंत्री तक पहुंचाया। कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि पार्टी चाहती है कि छात्रों से संवाद कायम कर इस गतिरोध को जल्द खत्म किया जाए। यानी एक तरफ सरकार ने बातचीत का दरवाजा फिर से खोला है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व की चिट्ठी के बाद राजनीतिक स्तर पर भी समाधान की कोशिश तेज होती दिखाई दे रही है।

क्या आज खत्म हो जाएगा आंदोलन?

यही इस समय सबसे बड़ा सवाल है।सरकार की ओर से दोबारा वार्ता का प्रस्ताव और राहुल गांधी की पहल से समाधान की उम्मीद जरूर बढ़ी है, लेकिन अभी आंदोलन खत्म होने की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।पिछली बातचीत में भी सहमति नहीं बन पाई थी। इस बार सरकार ने कानूनी सलाहकारों की मौजूदगी में बातचीत का प्रस्ताव दिया है, जिससे छात्रों की मांगों के कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं पर सीधे चर्चा हो सकती है।

दूसरी ओर, छात्र नेताओं ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि केवल बातचीत से आंदोलन समाप्त नहीं होगा। उनकी मांगों पर ठोस निर्णय और स्पष्ट आश्वासन मिलने के बाद ही आंदोलन खत्म करने पर विचार किया जाएगा।

20 अगस्त का CM आवास घेराव बना सबसे बड़ा दबाव

आज की बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि छात्रों ने 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के घेराव का ऐलान कर रखा है। छात्रों ने सरकार को अपनी मांगों पर फैसला लेने के लिए समयसीमा भी दी है। ऐसे में यदि आज की वार्ता में कोई ठोस सहमति बनती है तो 20 अगस्त का प्रस्तावित कार्यक्रम टल सकता है। लेकिन अगर बातचीत फिर बेनतीजा रही तो आंदोलन के और तेज होने की संभावना है।

कांग्रेस भी आज तय करेगी आगे की रणनीति

JPSC-JSSC आंदोलन को लेकर कांग्रेस ने भी 18 अगस्त को प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं की बैठक बुलाई है। प्रदेश प्रभारी के. राजू और सह-प्रभारी श्रीबेला प्रसाद की मौजूदगी में छात्र आंदोलन के बाद पैदा हुई राजनीतिक परिस्थितियों और पार्टी की भूमिका पर चर्चा होगी।प्रदेश प्रभारी के. राजू पहले ही कह चुके हैं कि कांग्रेस छात्रों के साथ है और पार्टी चाहती है कि उनकी जायज मांगों का समाधान जल्द निकले।

छात्रों की मांगों पर बनेगी बात तो बदल सकता है आंदोलन का रुख

JPSC-JSSC आंदोलन में छात्रों की मुख्य मांगों में कथित परीक्षा अनियमितताओं को लेकर कार्रवाई, संबंधित परीक्षाओं को लेकर निर्णय और जांच जैसे मुद्दे शामिल हैं। छात्रों की ओर से लगातार सरकार पर ठोस कदम उठाने का दबाव बनाया जा रहा है। ऐसे में आज की बैठक में यदि सरकार छात्रों को लिखित या स्पष्ट आश्वासन देती है और मांगों पर आगे की समयबद्ध कार्रवाई का भरोसा दिलाती है, तो आंदोलन को खत्म करने का रास्ता खुल सकता है।लेकिन अगर आज भी बात नहीं बनी, तो 20 अगस्त का CM आवास घेराव झारखंड की राजनीति और छात्र आंदोलन दोनों के लिए बड़ा घटनाक्रम बन सकता है।

आज की वार्ता पर टिका सबसे बड़ा सवाल

क्या राहुल गांधी की चिट्ठी और सरकार की नई पहल के बाद JPSC-JSSC छात्रों का आंदोलन आज खत्म हो जाएगा, या फिर 20 अगस्त को CM आवास घेराव के साथ आंदोलन और उग्र होगा? इसका जवाब आज दोपहर होने वाली वार्ता के बाद ही स्पष्ट होगा।

 

ashrita

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