वर्दी पर दाग : देवघर में पिकअप चालकों से 200- 200 रुपए अवैध वसूली करते सिपाही का वीडियो वायरल, विभाग में मचा हड़कंप

देवघर: झारखंड के देवघर से पुलिस महकमे को शर्मसार करने वाला एक वीडियो सामने आया है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में ऑन-ड्यूटी सिपाही को बिपिन कुमार बताया जा रहा है जो पिकअप चालकों से अवैध तरीके से पैसों की मांग करता दिखाई दे रहा है। वीडियो देवघर जिला का बताया जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में देखा जा सकता है कि पुलिसकर्मी (विपिन कुमार) पिकअप चालकों से ₹200-₹200 की मांग कर रहा है। चालकों द्वारा कम पैसे या ₹100 देने की बात कहे जाने पर पुलिसकर्मी चालान/फाइन काटने की धमकी देता नजर आ रहा है। वीडियो में चालक से पैसे लेते हुए और जल्द भुगतान करने का दबाव बनाते हुए दृश्य स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं।
ऑनलाइन और नकद वसूली का आरोप
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि सिपाही पिकअप गाड़ियों के चालकों पर पैसे देने का दबाव बना रहा है और नगद पैसे भी वसूल रहे हैं । वीडियो में चालक यह कहते सुने जा रहे हैं कि उनसे जबरन पैसे ऐंठे जा रहे हैं और मना करने या कम पैसे देने पर सिपाही द्वारा कार्रवाई की धमकी दी जा रही है। वीडियो में सिपाही की हिम्मत भी गजब की देखी जा सकती है। ड्राइवर द्वारा नगद पैसे नहीं दिए जाने पर ऑनलाइन स्कैनर के जरिए भी पैसे लेते सुना जा सकता है।सूत्र बताते है कि सिपाही विपिन कुमार की रोजमर्रा की ये हरकत है।रोज रोज पैसे देते हुए ड्राइवर काफी दुखी और परेशान देखा जा सकता है। पैसे कम करने की बात पर सिपाही खुले आम चालान कटवाने की धमकी दे रहा है।
HPBL वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता।
कौन है अमन?
वायरल वीडियो में सिपाही विपिन कुमार को अमन का नाम लेते साफ सुना जा सकता है अब सवाल ये है कि ये अमन कुमार कौन है और इस अवैध वसूली में सिपाही विपिन कुमार के साथ और कौन कौन शामिल है ये तो जांच के बाद ही पता चल पाएगा।
विभाग में मचा हड़कंप, कब होगी जांच
वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने और मीडिया में खबरें आने के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है। वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच क
नो पार्किंग के नाम पर अवैध वसूली कहां तक जायज
HPBL न्यूज नो पार्किंग में गाड़ियों की पार्किंग को जायज नहीं ठहराता परंतु इसके नाम पर अवैध वसूली को भी जायज नहीं माना जा सकता। देवघर में भक्तों की भीड़भाड़ को देखते हुए कई जगह गाड़ियों की आवाजाही या मालढुलाई वाले गाड़ियों पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया जाता है।मालूम हो कि काफी दुर दराज से मालवाहक गाड़ियां जरूरत की सामान लेकर देवघर पहुंचती है, हो सकता है कि उनको प्रतिबंधित क्षेत्र की जानकारी न हो। ड्राइवर को उन्हें उस जगह तक जाने से पहले क्यों नहीं रोका जाता ? आखिरकार ये गाड़ियां नो पार्किंग जोन तक कैसे पहुंच जाते है? मतलब साफ है कि इस अवैध वसूली में कई लोगों की मिलीभगत है। अब तो ये जांच के बाद ही मामला सामने आ सकेगा।









