JSSC CGL कर्मी करेंगे ड्यूटी ज्वाइन!: हाईकोर्ट के स्टे के बाद सोमवार से लौट सकते हैं ड्यूटी पर, कार्मिक विभाग के आदेश का इंतजार
JSSC CGL नियुक्ति रद्द करने के सरकारी आदेश पर झारखंड हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। अब कार्मिक विभाग के आदेश के बाद सोमवार से कर्मियों की ज्वाइनिंग की उम्मीद है।

रांची। जेएसएससी सीजीएल के जरिए नियुक्त हुए कर्मियों को हाईकोर्ट से मिले स्टे के बाद नौकरी वापस मिल गयी है। सरकार की ओर से नियुक्तियां रद्द करने के आदेश पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। इसके बाद अब नवनियुक्त कर्मियों की नजर कार्मिक विभाग के आधिकारिक आदेश पर टिक गई है। विभागीय आदेश जारी होते ही कर्मियों के दोबारा योगदान का रास्ता साफ हो सकता है।हाईकोर्ट के आदेश के बाद कर्मियों में खुशी का माहौल है। उनका कहना है कि नियुक्ति रद्द होने के बाद वे मानसिक और आर्थिक परेशानी से गुजर रहे थे, लेकिन अदालत के हस्तक्षेप से उन्हें बड़ी राहत मिली है।
सोमवार से सचिवालय में फिर दिख सकते हैं CGL कर्मी
हाईकोर्ट के स्टे के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि सीजीएल कर्मी कब से अपनी ड्यूटी पर लौटेंगे? कर्मियों को उम्मीद है कि कार्मिक विभाग जल्द ही इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर सकता है।अगर विभाग की ओर से समय पर आदेश जारी होता है, तो सोमवार से सचिवालय और संबंधित सरकारी कार्यालयों में जेएसएससी सीजीएल से चयनित कर्मियों की दोबारा उपस्थिति देखने को मिल सकती है।हालांकि, योगदान की वास्तविक प्रक्रिया विभागीय आदेश जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
नियुक्ति रद्द होने से मच गया था हड़कंप
दरअसल, 18 अगस्त को राज्य कैबिनेट के फैसले के बाद सरकार ने जेएसएससी सीजीएल के जरिए हुई नियुक्तियों को रद्द करने का नोटिफिकेशन जारी किया था। आदेश सामने आते ही नवनियुक्त कर्मियों के सामने नौकरी जाने का संकट खड़ा हो गया था।कर्मियों का कहना था कि उन्होंने चयन प्रक्रिया पूरी करने के बाद नौकरी हासिल की थी और अचानक नियुक्ति रद्द होने से उनके परिवारों पर भी आर्थिक संकट मंडराने लगा था।
हाईकोर्ट पहुंचा मामला, सरकार के फैसले पर लगी रोक
नियुक्ति रद्द करने के सरकारी आदेश के खिलाफ कर्मियों की ओर से 21 अगस्त को हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया। सुनवाई के दौरान अदालत ने फिलहाल नियुक्ति रद्द करने वाले सरकारी आदेश पर रोक लगा दी।इस आदेश के बाद कर्मियों को तत्काल राहत मिली है। हालांकि, यह मामला अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और आगे की सुनवाई में अदालत इस पूरे विवाद पर आगे फैसला करेगी।
15 सितंबर को होगी अगली सुनवाई
मामले में हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 15 सितंबर की तारीख तय की है। अदालत ने जेएसएससी सीजीएल कर्मियों को एफिडेविट दाखिल करने का निर्देश दिया है।एफिडेविट में यह स्पष्ट करना होगा कि यदि भविष्य में जांच के दौरान कोई कर्मचारी व्यक्तिगत रूप से दोषी पाया जाता है, तो उसकी जिम्मेदारी स्वयं उसकी होगी और ऐसी स्थिति में उसकी सेवा समाप्त की जा सकती है।वहीं, राज्य सरकार को भी अपना एफिडेविट दाखिल करने का निर्देश दिया गया है।
कर्मियों ने कहा- न्यायपालिका पर भरोसा था
हाईकोर्ट के आदेश के बाद जेएसएससी सीजीएल कर्मियों ने राहत की सांस ली है। कर्मियों का कहना है कि नियुक्ति रद्द होने के बाद उनके सामने अचानक बेरोजगारी का संकट खड़ा हो गया था।अब अदालत के आदेश के बाद उन्हें उम्मीद है कि आगे की सुनवाई में भी उन्हें न्याय मिलेगा और उनकी नियुक्ति को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी।
अब निगाहें कार्मिक विभाग के आदेश पर
फिलहाल हाईकोर्ट के स्टे के बाद गेंद कार्मिक विभाग के पाले में है। विभाग की ओर से आधिकारिक आदेश जारी होते ही यह स्पष्ट होगा कि सीजीएल से नियुक्त कर्मियों को किस प्रक्रिया के तहत दोबारा योगदान कराया जाएगा।ऐसे में आने वाले कुछ घंटे जेएसएससी सीजीएल कर्मियों के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं। क्या सोमवार से सचिवालय में फिर से सीजीएल कर्मियों की चहल-पहल शुरू होगी? इसका जवाब अब कार्मिक विभाग के आदेश से मिलेगा।









