त्यौहार के मौक़े पर कैसे करे मिलावटी मावा और पनीर की पहचान ? जानें ये आसान तरीके
How can you identify adulterated mawa and paneer during the festive season? Learn these easy methods.

त्योहारों का मौसम शुरू हो चुका है, इस मौके पर मिठाइयां और डेयरी उत्पाद की मांग बढ़ जाती है. लेकिन, बाजारों में बिकने वाले खोया और पनीर में मिलावट का खतरा भी इसी समय बढ़ जाता है. सावन के आखिरी दिन हम रक्षाबंधन मनाते हैं और उसमें खोया की मिठाई से लेकर पनीर की सब्जियां बनाना पसंद करते है। लेकिन ये जानना बहुत जरूरी है कि आप असली और मिलावटी मावा या पनीर में फर्क कैसे करें.
मिलावटखोर, मावा और पनीर बनाने में सस्ते और हानिकारक केमिकल का इस्तेमाल करते हैं. जैसे, मावा को गाढ़ा दिखाने के लिए उसमें स्टार्च, आटा, या केमिकल रंग मिलाए जाते हैं. वहीं, पनीर को लंबे समय तक ताजा दिखाने के लिए यूरिया जैसे खतरनाक केमिकल का इस्तेमाल किया जा सकता है. ये केमिकल न सिर्फ खाने का स्वाद बिगाड़ते हैं, बल्कि सेहत के लिए बहुत हानिकारक हो सकते हैं. इनसे पेट की समस्याएं, लीवर और किडनी को नुकसान, और लंबी अवधि में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां भी हो सकती हैं.
आइए जानते है हम पनीर या खोया खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना होगा
- हमेशा जानी-मानी और भरोसेमंद दुकान से ही मावा और पनीर खरीदें.
- खरीदने से पहले मावा और पनीर को देखकर, सूंघकर और छूकर उसकी गुणवत्ता की पहचान करने की कोशिश करें।
- कोशिश करें कि ताजा बना हुआ मावा या पनीर ही खरीदें. अगर मावा का रंग बहुत ज्यादा पीला या सफेद है, या उसमें पानी जैसा चिपचिपापन है, तो वह मिलावटी हो सकता है.
- संभव हो, तो रक्षाबंधन के लिए मावा और पनीर घर पर ही बनाना सबसे सुरक्षित विकल्प है.
- ऐसे उत्पादों को चुनें जिन पर FSSAI (Food Safety and Standards Authority of India) का रजिस्ट्रेशन नंबर या लाइसेंस नंबर लिखा हो.









