वास्तु के अनुसार राखी बांधते समय भाई का मुंह किस तरफ होना चाहिए, जानें क्या है सही दिशा और राखी बांधते समय किन बातों का रखना चाहिए ध्यान
According to Vastu, which direction should the brother face while the Rakhi is being tied? Find out the correct direction and the points to keep in mind during the ceremony.

राखी केवल भाई की कलाई पर एक रेशम का धागा नहीं होता, बल्कि यह खास दिन भाई-बहन के बीच अटूट भरोसे, निस्वार्थ प्यार और जिंदगी भर एक-दूसरे का साथ निभाने के पवित्र वादे को दोहराने का खूबसूरत मौका है. इस दिन बहनें अपने भाई की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और तरक्की के लिए दिल से दुआएं मांगती हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं राखी बांधने का एक खास तरीका बताया गया है?
अगर आप भी इस रक्षाबंधन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधने जा रही हैं, तो आपको इन नियमों के बारे में जरूर जान लेना चाहिए. आइए, इन नियमों के बारे में विस्तार से जानते हैं.
जब बहने अपने भाई को राखी बांध रही होती हैं, उस समय आपके भाई का चेहरा हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा की तरफ ही होना चाहिए. पूर्व दिशा से सूर्य उगता है, इसी वजह से इसे पॉजिटिव एनर्जी और अच्छी सेहत की दिशा माना जाता है. मान्यताओं के अनुसार, इस दिशा में मुंह करके राखी बांधने से भाई की उम्र लंबी होती है और उसकी सेहत भी हमेशा अच्छी बनी रहती है.
जब भाई का मुंह पूर्व या उत्तर की तरफ होगा, तो बहन का मुंह अपने आप पश्चिम या दक्षिण की तरफ हो जाएगा, जो कि एकदम सही तरीका है. हालांकि, एक बात का खास ख्याल रखना चाहिए कि भाई का मुंह कभी भी दक्षिण दिशा की तरफ नहीं होना चाहिए.
वास्तु शास्त्र के अनुसार राखी बंधवाते समय भाई को कभी भी नंगे सिर यानी बिना सिर ढके नहीं बैठना चाहिए. भाई को अपने सिर पर रुमाल या टोपी जरूर रख लेना चाहिए. ठीक इसी तरह बहन को भी अपने सिर पर दुपट्टा या चुन्नी रखनी चाहिए. इसके बाद, राखी बांधने से पहले बहन अपने भाई के माथे पर रोली या कुमकुम का तिलक लगाए और उस पर अक्षत लगाए. इसके अलावा जब बहन कलाई पर राखी बांध रही हो, तब भाई को अपनी मुट्ठी में थोड़े से चावल और एक सिक्का रखना चाहिए और राखी बंधने के बाद ही मुट्ठी खोलनी चाहिए.









