JPSC-JSSC विवाद: “सरकार ने हमारे साथ धोखा कर दिया” हाईकोर्ट की रोक के बाद छात्र नेता रविंद्र पासवान का बड़ा हमला, आज CM का पुतला फूंकने का ऐलान, दे दी बड़ी चेतावनी
JPSC-JSSC भर्ती परीक्षा रद्द करने के फैसले पर हाईकोर्ट की रोक के बाद छात्र नेता रविंद्र पासवान ने सरकार पर धोखे का आरोप लगाया। 24 जिलों में CM का पुतला दहन करने का ऐलान।

रांची। झारखंड में JPSC-JSSC की भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने के सरकार के फैसले पर हाईकोर्ट की रोक के बाद छात्रों का आक्रोश एक बार फिर सामने आने लगा है। हाईकोर्ट में सरकार के रुख से छात्र एक बार फिर आक्रोशित हो गये हैं। हाईकोर्ट में सरकार के फैसले पर रोक के बाद गुरुवार 20 अगस्त की शाम छात्र नेता रविंद्र पासवान ने रांची में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य की गठबंधन सरकार पर छात्रों के साथ धोखा करने का आरोप लगाया।
रविंद्र पासवान ने कहा कि सरकार की मंशा गुरुवार को हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान सामने आ गई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने सिर्फ छात्रों को ही नहीं, बल्कि झारखंड की पूरी जनता को धोखा दिया है। उनहोंने कहा कि सरकार ने जिस कमिटमेंट की बात की थी, वैसा कुछ भी हाईकोर्ट में दिखायी नहीं दिया। सरकार की तरफ से अधिवक्ताओं ने अपनी दलील को स्पष्टता के साथ रखा ही नहीं।
#WATCH | Ranchi: On Jharkhand High Court staying State Govt’s order cancelling 11th to 13th JPSC exams and appointments, student leader Ravindra Paswan says, “With whatever we saw in the Court today, it became clear that the Govt deceived the lakhs of students in Jharkhand. The… pic.twitter.com/DvMzsLf8gL
— ANI (@ANI) August 20, 2026
26 दिनों से चल रहा था छात्र आंदोलन
छात्र नेता ने कहा कि JPSC-JSSC Reforms मंच की ओर से पिछले 26 दिनों से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन किया जा रहा था। उनका आरोप है कि सरकार की मंशा किसी भी तरह छात्र आंदोलन को खत्म करने की थी।उन्होंने कहा कि सरकार को यह नहीं भूलना चाहिए कि JPSC-JSSC Reforms मंच अब इतना मजबूत हो चुका है कि जरूरत पड़ने पर बड़ी संख्या में छात्रों को दोबारा रांची बुलाया जा सकता है।
‘दो महीने का समय दिया है, उससे पहले शुरू हो सकता है आंदोलन’
रविंद्र पासवान ने सरकार से अपनी मंशा स्पष्ट करने और अपने कमिटमेंट को पूरा करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार को दो महीने का समय दिया गया है, लेकिन अगर सरकार ने इस दौरान छात्रों के हित में ठोस कदम नहीं उठाए तो दो महीने पूरे होने से पहले ही आंदोलन शुरू किया जा सकता है।उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ सरकार की मंशा साफ नहीं है और इसी के विरोध में आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।
24 जिलों में CM का पुतला दहन करने का ऐलान
प्रेस कॉन्फ्रेंस में छात्र नेता ने घोषणा की कि 21 अगस्त को झारखंड के सभी 24 जिलों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन किया जाएगा।उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम सरकार के खिलाफ छात्रों के आक्रोश को जाहिर करने के लिए आयोजित किया जाएगा। साथ ही सरकार पर छात्रों के साथ किए गए वादों से पीछे हटने का आरोप लगाया।
‘अब छात्रों को भी राजनीति करनी पड़ेगी’
रविंद्र पासवान ने कहा कि छात्र न्यायालय की कार्यवाही पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते, लेकिन सरकार ने छात्रों से जो वादे किए थे, उनका पालन होता हुआ उन्हें नजर नहीं आया।उन्होंने आरोप लगाया कि हाईकोर्ट में सरकार की ओर से मौजूद अधिवक्ता ने छात्रों के पक्ष में अपनी बात प्रभावी तरीके से नहीं रखी।
पासवान के मुताबिक, छात्रों ने मुख्यमंत्री और राज्य सरकार की बातों पर भरोसा किया था।उन्होंने कहा, “हमें लगा कि मुख्यमंत्री कम से कम छात्रों के साथ तो राजनीति नहीं करेंगे, लेकिन आज देख रहे हैं कि छात्रों के साथ भी राजनीति की जा रही है। अब छात्रों को भी राजनीति करनी पड़ेगी।”
22 परीक्षाएं रद्द, 23 अन्य की जांच का आदेश
गौरतलब है कि 18 अगस्त 2026 को झारखंड सरकार ने वर्ष 2014 से आयोजित 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया था। इसके साथ ही 23 अन्य परीक्षाओं की जांच के आदेश दिए गए थे।सरकार के इस फैसले में JPSC और JSSC से जुड़ी कई भर्ती परीक्षाएं शामिल थीं। फैसले के बाद सफल अभ्यर्थियों और नियुक्त कर्मचारियों के भविष्य को लेकर भी सवाल खड़े हो गए थे।
इसके खिलाफ सफल अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट का रुख किया। गुरुवार को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सरकार के परीक्षा रद्द करने के फैसले पर रोक लगा दी और सरकार से जवाब मांगा।अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद छात्र संगठनों और सरकार के बीच टकराव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। आने वाले दिनों में छात्र आंदोलन किस दिशा में जाता है और सरकार इस पूरे मामले पर क्या कदम उठाती है, इस पर सबकी नजर रहेगी।









