अगर आपको है कब्ज की समस्या तो दवा नहीं पहले बदलें ये आदतें, पेट होगा आसानी से साफ
If you suffer from constipation, change these habits before turning to medication; your bowels will clear easily.

आज के समय में लगातार बढ़ते हुए स्ट्रेस और बिगड़ी हुई खाने की स्कैंडल की वजह से कब्ज एक बेहद ही आम समस्या बन चुकी है. सुबह के समय जब पेट ठीक से साफ नहीं होता है परिणामस्वरूप हमें पूरे दिन एक अलग सी सुस्ती, गैस की प्रॉब्लम और चिड़चिड़ाहट महसूस होती रहती है. लंबे समय तक ये समस्या रही तो इसकी वजह से आपको बवासीर और आंतों की अन्य गंभीर बीमारियां होने का खतरा भी काफी ज्यादा बढ़ जाता है. अक्सर कब्ज की समस्या से छुटकारा पाने के लिए हम तरह-तरह की दवाईयों या फिर चूर्ण का सहारा लेते हैं, लेकिन ये भी कोई परमानेंट सोल्यूशन नहीं होते हैं. आज हम आपको बताते है की कैसे खाने पीने की आदतों को ठीक कर के आप इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं।
आपको अपनी खाने में फाइबर की क्वांटिटी बढ़ानी होगी. फाइबर हमारे डाइजेस्टिव सिस्टम के लिए एक नेचुरल क्लीनर की तरह काम करता है, जिससे आंतों में जमी गंदगी बेहतर तरीके से साफ हो जाती है. इसके अलावा मैदे से बनी चीजों का सेवन पूरी तरह से बंद कर दें. उनकी जगह आपको चोकर युक्त आटे की रोटी, ओट्स, दलिया, बाजरा से बनी चीजों को अपनी डाइट में शामिल करें. इसके अलावा हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे कि पालक, लौकी और तोरई भी फाइबर के बेहतरीन सोर्स होते हैं.
फल और कच्चा सलाद भी पेट को साफ रखने में बहुत बड़ी भूमिका निभाते हैं. पपीते, सेब, अमरूद, नाशपाती और संतरे जैसे फलों में प्रचुर मात्रा में फाइबर और नेचुरल पानी पाया जाता है, जो आंतों के मूवमेंट को बेहतर बनाता है. सेब और अमरूद जैसे फलों को हमेशा छिलके समेत ही खाएं और फलों का जूस पीने के बजाय उन्हें चबाकर खाएं, क्योंकि जूस निकालने से फाइबर बर्बाद हो जाता है.
खाने में बदलाव के साथ-साथ शरीर में हो रही पानी की कमी का ख्याल रखना भी बेहद जरूरी हो जाता है. कई बार लोग फाइबर तो खूब खाते हैं, लेकिन पानी कम पीते हैं, जिससे फाइबर पेट में सूख जाता है और कब्ज की प्रॉब्लम और भी ज्यादा बढ़ जाती है. इसलिए दिनभर में कम से कम 8 से 10 ग्लास गुनगुना या नॉर्मल पानी जरूर पीएं. सुबह उठते ही खाली पेट एक या दो ग्लास हल्का गुनगुना पानी पीने की आदत डालें, इससे आंतें तुरंत एक्टिव हो जाती हैं.
हमारे पाचन तंत्र को बेहतर तरीके से चलाने के लिए आंतों में अच्छे बैक्टीरिया का होना बहुत ही ज्यादा जरूरी हो जाता है, इन्हें हम प्रोबायोटिक्स के नाम से भी जानते हैं. जब आपकी गलत आदतों की वजह से ये बैक्टीरिया कम हो जाते हैं, तो भोजन ठीक से डाइजेस्ट नहीं होता. इसकी कमी को पूरा करने के लिए रोज दोपहर के खाने में एक कटोरी फ्रेश दही या मट्ठा जरूर लें.
कब्ज को ठीक करने के लिए केवल अच्छी चीजें खाना ही काफी नहीं है, बल्कि पेट को नुकसान पहुंचाने वाली चीजों को छोड़ना भी जरूरी है. फास्ट फूड्स, ज्यादा फ्राइड और मसालेदार भोजन, समोसे, पिज्जा, बिस्किट, और बहुत ही ज्यादा मैदे से बनी चीजों से दूरी बना लें क्योंकि ये आंतों में जाकर चिपक जाते हैं.









